Arrah News: भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड क्षेत्र में बनास नदी के उफान ने गांवों और खेतों के साथ-साथ अब शैक्षणिक संस्थानों को भी अपनी चपेट में ले लिया है. तटबंधों के ऊपर से बहकर बाढ़ का तेज पानी रिहायशी बस्तियों और विद्यालय परिसरों की ओर तेजी से फैल रहा है. प्रखंड के कई विद्यालयों में दो से तीन फीट तक बाढ़ का पानी भर जाने के कारण शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है. छात्र-छात्राओं की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित स्कूलों में ताला लगा दिया गया है.
असनी पंचायत के दो विद्यालयों में गंभीर स्थिति
प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अनुराधा ने बताया कि बनास नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रखंड के कई सरकारी विद्यालय सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं:
- सबसे प्रभावित स्कूल: असनी पंचायत अंतर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय हल्ली टोला और पकड़ियावर विद्यालय परिसर में सबसे विकट स्थिति है.
- दो से तीन फीट जलजमाव: दोनों विद्यालयों के कमरों, कार्यालय और खेल मैदान में दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करना पूरी तरह असंभव हो गया है.
बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद, वैकल्पिक व्यवस्था की कवायद
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इन विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. स्कूल बंद होने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित होने की चिंता पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है. बीडीओ ने बताया कि बच्चों के पठन-पाठन को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है. जलमग्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को सुरक्षित और नजदीकी सूखे स्कूलों में टैग कर वहां कक्षाएं संचालित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
लगातार जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत
बनास नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही बढ़ोतरी ने तटीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का बढ़ना इसी तरह जारी रहा, तो आसपास के कई अन्य प्राथमिक व मध्य विद्यालय भी जलमग्न हो जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में शैक्षणिक सत्र और बच्चों की शिक्षा को लंबा नुकसान उठाना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में नावों की समुचित व्यवस्था और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है.
