बाढ़ पीड़ितों को 1 क्विंटल अनाज व ₹10 हजार दें, बटाईदार किसानों को ₹25 हजार प्रति एकड़ मुआवजा: सुदामा प्रसाद

आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने बिहार में बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान पर मुख्यमंत्री से तत्काल राहत की मांग की है. उन्होंने पीड़ितों के लिए 1 क्विंटल अनाज, ₹10 हजार की आर्थिक सहायता, और बटाईदार किसानों को प्रति एकड़ ₹25 हजार मुआवजे की वकालत की है.

Arrah News: आरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुदामा प्रसाद ने बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में तत्काल राहत, पुनर्वास और फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने 17 सितंबर 2026 की देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा. इस दौरान पालीगंज के माले विधायक संदीप सौरभ भी मौजूद रहे. सांसद ने बाढ़ में मृत लोगों की सूची भी मुख्यमंत्री को सौंपी और मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की.

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत

ज्ञापन के माध्यम से सांसद ने कहा कि सितंबर 2026 में आई भीषण बाढ़ से पटना, बक्सर, भागलपुर, भोजपुर समेत कई जिलों में जनजीवन, कृषि, आवास, सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को व्यापक नुकसान हुआ है. बड़ी संख्या में गरीब परिवारों के सामने भोजन, आवास, रोजगार और सुरक्षित आवागमन का संकट पैदा हो गया है.

उन्होंने प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गरीब परिवार को तत्काल 1 क्विंटल खाद्यान्न और ₹10 हजार की आर्थिक सहायता देने की मांग की. साथ ही बाढ़ में पूरी या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त गरीब परिवारों के मकानों का पुनर्निर्माण मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से कराने की मांग रखी.

बटाईदार किसानों को भी मुआवजा

सांसद ने बटाईदार किसानों को भी फसल क्षति के लाभार्थियों में शामिल करने की मांग की. उन्होंने बटाईदार किसानों को प्रति एकड़ ₹25 हजार की सहायता देने और फसल क्षति का गांव व पंचायत स्तर पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की.

उन्होंने कहा कि बाढ़ में नष्ट हुई धान, मक्का, सब्जी और अन्य फसलों का वास्तविक आकलन किया जाना जरूरी है, ताकि प्रभावित किसानों को उचित राहत मिल सके.

मृतकों के आश्रितों को 10 लाख

सुदामा प्रसाद ने बाढ़ में डूबने से मृत लोगों के आश्रितों को ₹10 लाख मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने मृतकों की वास्तविक संख्या का विशेष सर्वे कराने और किसी भी मृतक परिवार को मुआवजे से वंचित नहीं करने की बात कही.

सांसद के अनुसार, भोजपुर में अब तक प्राप्त जानकारी में 25 से अधिक लोगों की मौत का उल्लेख है. उन्होंने मृतकों की सूची भी मुख्यमंत्री को सौंपी.

राहत सूची से छूटे परिवार जुड़ें

ज्ञापन में संपूर्ति पोर्टल की राहत सूची से छूटे वास्तविक प्रभावित परिवारों को तत्काल शामिल करने की मांग की गई है. साथ ही वर्ष 2016 और 2021 की बाढ़ में जीआर प्राप्त करने वाले पुराने लाभार्थियों के नाम वर्तमान सूची में नहीं होने की शिकायतों की जांच कराने की मांग की गई.

सांसद ने राहत सामग्री, प्लास्टिक किट, नाव, सामुदायिक किचेन और अनुग्रह राशि सहित राहत एवं बचाव कार्यों में मिली शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और राहत वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की.

तीन महीने तक मिले खाद्यान्न

सांसद ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम एक माह तक सामुदायिक किचेन चलाने की मांग की. इसके अलावा प्रभावित परिवारों को कम से कम तीन महीने तक खाद्यान्न और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी.

उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरेलू बिजली बिल माफ करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी.

भोजपुर के लिए विशेष मांगें

सांसद सुदामा प्रसाद ने बड़हरा, शाहपुर, बिहिया और आरा प्रखंड को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग की. बिहिया प्रखंड की शिवपुर पंचायत के बीरपुर गांव में कृषि भूमि को हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने की मांग की गई.

आरा प्रखंड के पिपरपांती क्षेत्र में 14 सितंबर की रात क्षतिग्रस्त और ढहे मकानों की तत्काल जांच तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की गई.

सांसद ने कहा कि सात गरीब परिवारों के घर गंगा में विलीन हो गए हैं या विलीन होने की स्थिति में हैं. उन्होंने इन परिवारों को तत्काल पांच-पांच डिसमिल जमीन और आवास निर्माण के लिए ₹2.50-₹2.50 लाख उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके.

सहार प्रखंड के बरुही-तरारी और इमादपुर क्षेत्र में सोन नदी के कटाव से प्रभावित परिवारों को उपयुक्त भूमि अथवा समुचित मुआवजा देने और जरूरत के अनुसार पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग भी की गई.

बक्सर और भागलपुर का मुद्दा

बक्सर जिले की उत्तरी नैनीजोर पंचायत को तत्काल बाढ़ प्रभावित घोषित कर प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजा देने की मांग की गई.

भागलपुर जिले में तटबंध टूटने और कटाव से उत्पन्न स्थिति का उल्लेख करते हुए सांसद ने क्षतिग्रस्त तटबंधों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की. उन्होंने कटाव प्रभावित गांवों में स्थायी सुरक्षा कार्य और तटबंधों के नियमित रख-रखाव की व्यवस्था करने की बात कही.

इसके अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त सभी सड़कों, पुल-पुलियों और विद्यालयों की तकनीकी जांच कर तत्काल मरम्मत तथा जरूरत के अनुसार पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई.

राहत के साथ पुनर्वास पर जोर

सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी प्रभावित परिवारों की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं. बड़ी संख्या में लोगों के घर, खेती और आजीविका प्रभावित हुई है.

उन्होंने कहा कि सरकार को केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पुनर्वास, फसल क्षति के मुआवजे और क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचनाओं के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनानी चाहिए.

उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने की मांग की.

Also Read: आरा: ओझा-गुणी के आरोप में बड़े भाई की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या, धनगाई के मिठहां में छोटे भाई पर लगा आरोप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >