Arrah Elder brother shot Younger brother : भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर भकुरा गांव में गुरुवार की शाम एक मामूली पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया. बड़े भाई ने गुस्से में आकर अपने ही छोटे भाई को गोली मार दी. गोली युवक के सीने में लगी है, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. प्राथमिक इलाज के बाद उसे पटना रेफर किया गया है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं.
घायल युवक की पहचान श्रीनगर भकुरा गांव निवासी स्व. गोकुल शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार शर्मा के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, घटना के बाद उसे तुरंत आरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया. लेकिन स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे पटना भेज दिया गया.
Arrah News : मामूली बात से बढ़ा विवाद, चली गोली
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक बेहद साधारण बात से हुई. बताया जा रहा है कि मनोज कुमार की भाभी एक होटल में काम करती हैं. गुरुवार की शाम जब वह काम से लौटकर घर आईं, तो मनोज ने उनसे काम को लेकर कुछ कहा. इसी बात को लेकर भाभी ने अपने पति, यानी मनोज के बड़े भाई से शिकायत कर दी.
शिकायत के बाद बड़ा भाई गुस्से में घर पहुंचा और मनोज के साथ गाली-गलौज करने लगा. देखते ही देखते दोनों भाइयों के बीच बहस तेज हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने हथियार निकाल लिया और मनोज को गोली मार दी. गोली सीधे उसके दाहिने सीने में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा.
Crime News : गांव में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया. वहीं घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. आरोपी भाई की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. साथ ही घटना में इस्तेमाल हथियार को भी बरामद करने की कोशिश की जा रही है.
परिवार में तनाव का खौफनाक अंजाम
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के अंदर छोटे-छोटे विवाद अक्सर होते रहते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. एक मामूली बात पर भाई द्वारा भाई को गोली मार देना बेहद चिंताजनक है. घायल युवक की हालत पटना में नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं. वहीं पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गुस्से में लिया गया एक फैसला कैसे पूरे परिवार को बर्बादी के कगार पर ला सकता है.
