आरा : असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में नई परीक्षा प्रणाली का विरोध, शोधार्थियों ने जेपी प्रतिमा के पास दिया धरना

Arrah News : भोजपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली की पुरानी प्रक्रिया बहाल करने की मांग को लेकर शोधार्थियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन.

Arrah News : जेपी प्रतिमा स्थल के पास प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में परीक्षा आधारित नई चयन प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में आज एकदिवसीय धरना दिया गया. इस आंदोलन में विभिन्न विभागों के शोधार्थी, नेट एवं पीएचडी उत्तीर्ण अभ्यर्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए. धरना में उपस्थित अभ्यर्थियों ने सरकार और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से वर्तमान बहाली को पूर्व निर्धारित एपीआई (एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडिकेटर) एवं एकेडमिक स्कोर आधारित पुरानी प्रणाली से ही कराने की पुरजोर मांग की.

उनका कहना था कि वर्षों से अभ्यर्थियों ने पीएचडी, शोध-पत्र प्रकाशन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भागीदारी, पुस्तक अध्याय लेखन, अध्यापन अनुभव और अन्य अकादमिक उपलब्धियों के आधार पर अपना बेहतरीन प्रोफाइल तैयार किया है, ऐसे में वर्तमान बहाली में अचानक परीक्षा आधारित नई चयन प्रणाली लागू करना उनके साथ सरासर अन्याय होगा.

अभ्यर्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में शोध एवं अकादमिक उपलब्धियों को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए और वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया पुरानी एपीआई व्यवस्था के तहत ही पूरी कराई जाए.

आयु सीमा बढ़ाने की मांग

इस दौरान आयोजित बैठक में अधिकतम आयु सीमा को 43 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष करने की भी प्रमुख मांग उठी. अभ्यर्थियों का कहना था कि बिहार में लंबे समय से नियमित बहाली नहीं होने के कारण कई योग्य शोधार्थियों की आयु निर्धारित आयु सीमा के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है, इसलिए उन्हें उम्र सीमा में छूट मिलनी चाहिए.

इसके अलावा, असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली में डोमिसाइल नीति को कड़ाई से लागू करने, शोधार्थियों के लिए फेलोशिप एवं रिसर्च ग्रांट की उचित व्यवस्था करने तथा सरकार, विश्वविद्यालय सेवा आयोग, विश्वविद्यालयों, विषय एवं विधि विशेषज्ञों और शोधार्थी प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित कर पूरी भर्ती प्रक्रिया की नए सिरे से समीक्षा कराने की मांग की गई.

मांग पूरी न होने पर आंदोलन

धरना कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) को अपनी 11 सूत्री मांगों का एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा. इस दौरान मांग पूरी न होने की स्थिति में लोकभवन का घेराव करने का भी खुला आह्वान किया गया.

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक वे नई परीक्षा आधारित बहाली प्रक्रिया को किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ने देंगे. आज के इस धरने में मुख्य रूप से सुशील सिंह टाइगर, छोटू सिंह, केडी यादव, राज पाण्डेय, रजनीश यादव, चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी उर्फ गोलू, कृष्णा तिवारी, रत्नेश कुमार, अनीश कुमार, राजा पासवान, तुषार विजेता एवं चंदन कुमार तिवारी इत्यादि प्रमुख शोधार्थी और अभ्यर्थी मौजूद थे.

Also Read : आरा : बड़हरा स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण शिविर आयोजित, 12 महिलाओं का ऑपरेशन



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >