भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में छलका भाई का दर्द, बोला- न्याय नहीं मिला तो नहीं करूंगा नौकरी

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनमामले में उनके चचेरे भाई और सिपाही भर्ती में चयनित आशीष तिवारी ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह नौकरी नहीं करेंगे. उन्होंने एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग की.

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter)मामले में न्याय नहीं मिला तो नौकरी नहीं करूंगा. सभा स्थल पर आक्रोश से पूरी तरह भरे भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष तिवारी ने यह बड़ा ऐलान कर सबको चौंका दिया है. उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा चयन बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर हो गया है, लेकिन इस दर्दनाक और संदेहास्पद घटना के बाद हमने दृढ़ निर्णय लिया है कि अब हमें ऐसी व्यवस्था में नौकरी नहीं करनी है. अब हमारा एकमात्र लक्ष्य अपने भाई के लिए न्याय सुनिश्चित करना है और इसके लिए हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.

एक सप्ताह में न्याय न मिलने पर दी खुली चेतावनी

आशीष तिवारी ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम दिखाएंगे कि कैसे न्याय लिया जाता है. यह मेरा पत्थर की लकीर जैसा वचन है और यह मेरा खुद से किया गया वादा है. संबोधन के दौरान आशीष तिवारी काफी गहरे आक्रोश और गुस्से में दिखाई दे रहे थे. वे बार-बार अपनी बात चिल्लाकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों से कह रहे थे, जिसे सुनकर सभा में मौजूद अन्य युवाओं का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया.

युवाओं के मन में प्रशासन के प्रति नफरत का भाव

चचेरे भाई ने आगे कहा कि आज इस क्षेत्र के हर एक युवा के मन में स्थानीय जिला प्रशासन एवं पुलिस की कार्यशैली के प्रति घोर नफरत का भाव भर गया है. इस संदिग्ध एनकाउंटर के बाद से युवाओं के मन में व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश पनप रहा है. यदि राज्य सरकार ने समय रहते इस मामले में कोई सही और पारदर्शी कदम नहीं उठाया तथा दोषी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को सख्त सजा नहीं दी, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप अख्तियार कर सकता है.

सरकार के लिए बन सकती है गंभीर चुनौती

स्थानीय प्रबुद्ध जनों और राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि यदि इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया, तो यह सरकार और गृह विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकती है. सभा के अंत में युवाओं ने पीड़ित परिवार के समर्थन में नारे लगाए और शासन से निष्पक्ष जांच की मांग को दोहराया. परिजनों का कहना है कि यह लड़ाई तब तक थमेगी नहीं, जब तक कि इस कथित एनकाउंटर की पूरी सच्चाई जनता के सामने नहीं आ जाती और असली गुनहगारों को सलाखों के पीछे नहीं भेज दिया जाता.

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Published by: Vikash Jha

विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।

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