Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के श्राद्धकर्म सह ब्रह्मभोज को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है. यह आयोजन अब पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है. परिजनों की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस ब्रह्मभोज में करीब 20 से 25 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर भोजन से लेकर व्यवस्था तक हर स्तर पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.
गांव में इन दिनों अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है. एक तरफ शोक की भावना है तो दूसरी ओर इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की तैयारी. हर घर और गली में इसी आयोजन की चर्चा हो रही है. परिजन और समर्थक इसे सम्मानजनक और भव्य तरीके से संपन्न कराने में जुटे हैं.
दूसरी ओर रेत पर उभरी यादें
एक तरफ भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के श्राद्धकर्म सह ब्रह्मभोज की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, तो दूसरी तरफ उनकी यादें अब सीमाओं से बाहर भी आकार लेने लगी हैं. उत्तर प्रदेश के एक सैंड आर्टिस्ट ने रेत पर भरत तिवारी की आकृति उकेर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. यह सैंड आर्ट सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया है, जो लोगों के दिलों में अब भी जिंदा है.
रेत पर उकेरी गई श्रद्धांजलि बनी चर्चा का विषय
आरा और आसपास के इलाकों के अलावा अब दूसरे राज्यों से भी लोग अपने-अपने तरीके से भरत तिवारी को याद कर रहे हैं. किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए श्रद्धांजलि दी, तो किसी ने मोमबत्ती जलाकर उन्हें याद किया. लेकिन उत्तर प्रदेश के सैंड आर्टिस्ट द्वारा बनाई गई यह कलाकृति खास बन गई है. रेत पर उभरी यह छवि बेहद खूबसूरत और भावुक कर देने वाली है, जो देखते ही लोगों को ठहरने पर मजबूर कर रही है.
Bharat Tiwari Encounter : 100 हलवाई और 300 सहायक दिन-रात जुटे
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के भोजन की व्यवस्था करना आसान नहीं है. इसके लिए करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर क्षेत्र से करीब 100 अनुभवी हलवाई बुलाए गए हैं. इनके साथ लगभग 300 सहायक लगातार काम में लगे हुए हैं. बड़े-बड़े कड़ाहों में दिन-रात खाना बनाया जा रहा है ताकि कार्यक्रम के दिन किसी तरह की कमी न रह जाए. भोजन बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ कोयले का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. आयोजन स्थल के पास अस्थायी रसोई तैयार की गई है जहां दर्जनों चूल्हे एक साथ जल रहे हैं.
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ब्रह्मभोज का खास मेन्यू
इस ब्रह्मभोज के मेन्यू को भी पारंपरिक और खास रखा गया है. लोगों के लिए बड़ी वाली पूड़ी, बुंदिया, आलू-परवल दम, मटर-पनीर, मिक्स सब्जी और दूधिया लंगड़ा आम जैसे व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का विस्तृत मेन्यू लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
Arrah News : 500 स्वयंसेवकों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इतने बड़े आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए करीब 500 स्वयंसेवकों की टीम बनाई गई है. ये स्वयंसेवक आसपास के कई गांवों से जुड़े हुए हैं और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. कोई भीड़ नियंत्रण देख रहा है तो कोई भोजन वितरण और बैठने की व्यवस्था पर नजर रखे हुए है.
बाहर से आने वालों के लिए विशेष इंतजाम
ब्रह्मभोज में दूर-दराज से लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है. पेयजल के लिए पानी के टैंकर और बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा श्रद्धांजलि देने के लिए भरत तिवारी के घर के पास बड़े क्षेत्र में अलग से टेंट लगाया गया है, जहां लोग पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे.
बिलौटी गांव में आयोजित होने वाला यह ब्रह्मभोज अब सिर्फ एक पारंपरिक रस्म नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े सामाजिक आयोजन का रूप ले चुका है. हजारों लोगों की मौजूदगी और व्यापक तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि कार्यक्रम को लेकर लोगों में गहरी भावनात्मक जुड़ाव है. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना होगी. आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम पर पूरे इलाके की नजर बनी रहेगी.
