Arrah News : बढ़ती महंगाई के बीच सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के ड्रेस और मोबाइल रिचार्ज मद में की गई कटौती को लेकर उदवंतनगर की आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है. आंदोलित कार्यकर्ताओं ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं के साथ सरासर अन्याय बताते हुए इस कटौती वाले निर्णय को अविलंब वापस लेने की पुरजोर मांग की है.
साड़ियों के बजट में भारी कमी
आशा कार्यकर्ताओं ने विभागीय आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक उन्हें ड्रेस के लिए प्रतिवर्ष 2500 रुपये मिलते थे, जिसे वित्तीय वर्ष 2026-27 से घटाकर मात्र 1500 रुपये कर दिया गया है. उनका कहना है कि आज की महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में निर्धारित दो अच्छी साड़ियां खरीदना किसी भी स्तर पर संभव नहीं है.
डिजिटल कार्य का बढ़ता दबाव
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी कार्यों का दैनिक विवरण एम-आशा ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. डेटा समय पर अपलोड नहीं करने की स्थिति में कार्यकर्ताओं पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने करीब दो वर्ष पहले कुछ ही आशाओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया था, लेकिन कई कार्यकर्ताओं को अब तक मोबाइल नहीं मिल सका है. इसके बावजूद विभाग द्वारा सभी से शत-प्रतिशत डिजिटल कार्य की अपेक्षा की जा रही है.
कम रिचार्ज राशि से बढ़ी परेशानी
कार्यकर्ताओं ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट रिचार्ज के लिए पहले प्रतिमाह 200 रुपये की राशि मिलती थी, जिसे अब विभाग द्वारा घटाकर केवल 150 रुपये कर दिया गया है. उनका साफ कहना है कि मौजूदा समय में इतनी कम राशि में पर्याप्त डेटा वाला कोई भी रिचार्ज प्लान संभव नहीं है. यदि सरकार राशि बढ़ाने में असमर्थ है, तो पूरे वर्ष का डेटा रिचार्ज स्वयं अपने स्तर से कराए. इस कटौती के विरोध में आशा फैसिलिटेटर सरिता कुमारी, उर्मिला देवी, मंजू देवी, प्रमिला देवी, दुर्गा देवी, आहुति कुमारी, रेखा देवी, धनवंती देवी, चंपा देवी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
वरीय अधिकारियों को भेजेंगे रिपोर्ट
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार के नए निर्देश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से ड्रेस मद की राशि 1500 रुपये तथा मोबाइल रिचार्ज मद की राशि 150 रुपये निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई इन सभी जायज शिकायतों से स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को जल्द ही लिखित रूप में अवगत कराया जाएगा.
