आरा में बेकार बिजली और टेलीफोन के खंभों से बढ़ा जाम और हादसों का खतरा, 9 साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

Arrah Unused Electric Poles Issue : आरा शहर में बेकार पड़े बिजली और टेलीफोन के खंभे लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं. सड़क जाम, हादसों का खतरा और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. 9 साल बाद भी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोग नाराज हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.

Arrah Unused Electric Poles Issue : आरा शहर में सड़क किनारे और बीचों-बीच खड़े बेकार बिजली और टेलीफोन के खंभे अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं. नगर के अलग-अलग इलाकों में हजारों की संख्या में ऐसे खंभे मौजूद हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं है, लेकिन फिर भी इन्हें हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इन खंभों के कारण न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि रोजाना जाम और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोग लगातार इस समस्या को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

हर सड़क पर दिख रहे बेकार खंभे

नगर की शायद ही कोई ऐसी सड़क हो, जहां बेकार पड़े बिजली या टेलीफोन के खंभे न दिखते हों. कई जगहों पर ये खंभे सड़क के किनारे खड़े हैं, तो कई स्थानों पर सड़क के बीच में ही गड़े हुए हैं. इससे वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न होती है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. खासकर व्यस्त बाजार क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.

Arrah News : यातायात के साथ-साथ हादसों का भी खतरा

इन खंभों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है. रात के समय या बारिश के दौरान ये खंभे और अधिक खतरनाक साबित होते हैं. कई बार वाहन चालक इनसे टकराने से बाल-बाल बचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता.

Unused Electric Poles : 9 साल पहले बनी थी योजना, अब तक ठंडे बस्ते में

बताया जाता है कि करीब 9 साल पहले कृषि भवन सभागार में आयोजित एक बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया था. उस समय तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि सड़क किनारे पड़े बेकार खंभों को हटाया जाए, ताकि सड़कों की चौड़ाई बढ़ सके और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके. हालांकि इतने साल बीत जाने के बाद भी इस योजना पर अमल नहीं हो सका है, जिससे लोगों में नाराजगी है.

Bijli Vibhag : विभागों की लापरवाही से हो रहा नुकसान

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण न सिर्फ आम जनता परेशान है, बल्कि विभाग को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इन खंभों को स्क्रैप के रूप में नीलाम किया जाए, तो इससे अच्छी-खासी राशि प्राप्त हो सकती है. कई खंभे लोहे के बने हैं, जिन्हें बेचकर विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है.

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है.

एसडीओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा

इस मामले पर अनुमंडलाधिकारी विजय चौधरी ने स्वीकार किया कि शहर में जाम की समस्या में इन खंभों की बड़ी भूमिका है. उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को इन्हें हटाने का निर्देश पहले भी दिया गया था, लेकिन अब तक काम नहीं हो सका है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही विभाग को दोबारा निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी.

आरा शहर में बेकार पड़े बिजली और टेलीफोन के खंभे अब सिर्फ अव्यवस्था की निशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुके हैं. लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह परेशानी और गंभीर रूप ले सकती है.

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लेखक के बारे में

Author: NARENDRA PRASAD SIN

Published by: Ragini Sharma

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