आरा के ऐतिहासिक वरुणार्क सूर्य मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने SDM से लगाई गुहार

Arrah News : आरा के तरारी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक वरुणार्क सूर्य मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण का मामला फिर उठा है. ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीरो एसडीएम से मिलकर अतिक्रमण हटाने और चारदीवारी की मांग की है. यह ऐतिहासिक मंदिर लाखों की लागत से सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत राशि के बावजूद उपेक्षा का शिकार हो रहा है.

Arrah News : आरा के तरारी प्रखंड अन्तर्गत देव गांव स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक वरुणार्क सूर्य मंदिर की जमीन और मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सामने आया है. इसे लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीरो एसडीएम से मिलकर मंदिर की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराकर परिसर की चहारदीवारी कराने तथा मुख्य प्रवेश द्वार के साथ एक आपातकालीन द्वार के निर्माण की मांग की.

ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा आवेदन

ग्रामीण हरिशंकर पांडेय, सुदेश कुमार लाल, रमेश कुमार सिंह, उपेंद्र कुमार पांडेय, चंद्रेश्वर पांडेय सहित अन्य लोगों ने पीरो एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय को आवेदन सौंपा. आवेदन में कहा गया है कि मंदिर की 76 डिसमिल भूमि तथा मंदिर तक जाने वाले मुख्य रास्ते पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है.

प्रतिमाओं के संरक्षण की मांग की

हरिशंकर पांडेय और सुदेश कुमार लाल ने बताया कि देव वरुणार्क सूर्य मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लाखों रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन अब तक प्राचीन प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

सौंदर्याकरण के लिए राशि हुई स्वीकृत

ग्रामीणों के अनुसार, देव वरुणार्क सूर्य मंदिर का निर्माण द्वापर युग में राजा वरुण द्वारा कराया गया था. मंदिर का क्षेत्रफल 76 डिसमिल है, जबकि मंदिर से जुड़े पोखरा का क्षेत्रफल 51 बीघा 19 कट्ठा है. मंदिर तक जाने वाली मुख्य गली की चौड़ाई 16 फीट बताई गई है. पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद मंदिर और पोखरा के सौंदर्याकरण के लिए 14 करोड़ 78 लाख 88 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.

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Author: Narayan tripathi

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