Arrah News: (नरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट) जिले में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है. आरोप है कि बिना काम कराए ही मजदूरों के नाम पर राशि निकाल ली गई, जबकि गरीब लाभुक सिर्फ देखते रह गए. मामला अगिआंव प्रखंड के पवार पंचायत का बताया जा रहा है, जहां योजना में फर्जी हाजिरी और गलत तरीके से भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है.
बिना काम के ही निकाली गई पहली किस्त
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में किसी प्रकार का कार्य कराए बिना ही मनरेगा योजना की प्रथम किस्त की राशि निकाल ली गई. इतना ही नहीं, अब दूसरी किस्त की राशि निकालने के लिए भी फर्जी तरीके से हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक कराने की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि केवल अपने करीबी लोगों से हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक कराकर करीब 10 लाख रुपये की राशि निकालने की योजना बनाई गई है.
योजना के उद्देश्य पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह फर्जीवाड़ा कर योजना की राशि निकाली जाती रही, तो सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा. गरीब मजदूरों को रोजगार मिलने के बजाय वे योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे.
अधिकारियों से जांच की मांग
मामले को लेकर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी को आवेदन देकर जांच की मांग की गई है. शिकायतकर्ताओं ने दोषियों पर कार्रवाई करते हुए गरीबों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाने की अपील की है.
