Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह) भोजपुर शहर के मॉडल अस्पताल में पिछले करीब दो महीनों से सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं, लेकिन अब तक इन्हें ठीक कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
जानकारी के अनुसार, अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे किसी तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं और काम नहीं कर रहे हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसे दुरुस्त कराने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया जा रहा है.
दो दर्जन से अधिक कैमरे बेकार
मॉडल अस्पताल के अंदर दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य अस्पताल की हर गतिविधि पर नजर रखना है. इन कैमरों के माध्यम से मरीजों के इलाज, डॉक्टरों और कर्मचारियों की ड्यूटी, तथा किसी भी असामाजिक गतिविधि की निगरानी की जानी थी. लेकिन कैमरे बंद रहने से यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है और किसी भी घटना की रिकॉर्डिंग संभव नहीं हो पा रही है.
मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर असर
सीसीटीवी कैमरे अस्पताल में पारदर्शिता बनाए रखने और मरीजों के हितों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इनके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीजों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो और उन्हें समय पर उचित इलाज, दवा और जांच की सुविधा मिले. कैमरे बंद रहने से इन सभी व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है और निगरानी तंत्र कमजोर हो गया है.
लापरवाही पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण उपकरण के खराब होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसे ठीक नहीं कराया जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. वहीं, उच्च अधिकारियों द्वारा भी अब तक इस मामले का संज्ञान नहीं लिया गया है, जबकि जिलाधिकारी समय-समय पर अस्पतालों के निरीक्षण और निर्देश जारी करते रहते हैं.
जानबूझकर खराब रखने का आरोप
कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि कई बार सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर खराब रहने दिया जाता है. इससे एक ओर रिपेयरिंग के नाम पर आर्थिक गड़बड़ी की आशंका रहती है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जा पाती. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द सीसीटीवी सिस्टम को दुरुस्त करने की मांग उठ रही है.
