Arrah News: (नरेंद्र प्रसाद सिंह) आरा जिले मे सहयोग शिविर के दौरान एक पड़ित ने अपना फरियादी सुनाते हुए कहा की साहब, आपसे विनती है, मेरे जमीन का दाखिल-खारिज करा दीजिए। कर्मचारी पैसा मांग रहा है, नहीं देने पर काम नहीं कर रहा है…” यह गुहार मंगलवार को भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड अंतर्गत बसौरी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में सुनाई दी। फरियाद सुनते ही शिविर में कुछ देर के लिए अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई.
सिकरहटा थाना क्षेत्र के सिकरौल निवासी किसान अयोध्या पांडेय एवं विंध्याचल तिवारी ने आरोप लगाया कि राजस्व कर्मचारी द्वारा दाखिल-खारिज के लिए पैसे की मांग की जा रही है। पैसा नहीं देने पर आवेदन लंबित रखा जा रहा है। पीड़ित किसानों ने अधिकारियों से कहा कि वे मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ऐसे में सरकारी कार्यालयों में भी परेशान किया जाएगा तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा.
मामले को लेकर शिविर में मौजूद अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और जल्द दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया.
सरकार की मंशा पर कर्मियों की मनमानी भारी
एक ओर सरकार लोगों को घर के नजदीक ही सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर “सहयोग शिविर” आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ सरकारी कर्मियों की कार्यशैली सरकार की मंशा पर पानी फेरती नजर आ रही है। शिविरों में लोग खुलकर कर्मचारियों पर लापरवाही और मनमानी के आरोप लगा रहे हैं.
42 पंचायतों में शुरू हुआ सहयोग शिविर
भोजपुर जिले के 42 पंचायतों में मंगलवार से “सहयोग शिविर” का शुभारंभ किया गया। “सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प के साथ आयोजित इस अभियान का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के काउंटर लगाए गए हैं, जहां लोगों की शिकायतें और आवेदन लिए जा रहे हैं.
राशन से लेकर भूमि विवाद तक की सुनवाई
सहयोग शिविर में राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं.
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक-से-अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि अधिकारी खुद पंचायत स्तर पर मौजूद रहेंगे.
30 दिनों के भीतर होगा निष्पादन
ज़िलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने पंचायतवार शिविरों के लिए रोस्टर तय करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राप्त आवेदनों की जानकारी “सहयोग पोर्टल” पर भी अपलोड की जाएगी.
राजपुर पंचायत में पहुंचे प्रभारी मंत्री
प्रखंड के राजपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं श्रम संसाधन मंत्री भी शामिल हुए. इस दौरान विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और पुलिस अधीक्षक राज भी मौजूद रहे.
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाकर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त हर आवेदन का समयसीमा के भीतर निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके.
Also Read: नवादा में आज: शहर में आज का कार्यक्रम, ओपीडी में कौन होंगे डॉक्टर, जानिए एक क्लिक में
