Arrah Sanitation Crisis : आरा शहर में नगर निगम की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है. 3.30 लाख से ज्यादा आबादी वाले इस जिला मुख्यालय को नगर निगम का दर्जा मिले करीब 19 साल हो चुके हैं, लेकिन हालात अब भी नगर पालिका जैसे ही बने हुए हैं. सफाई व्यवस्था की सच्चाई यह है कि नाली की सफाई तो हो रही है, लेकिन उससे निकला कचरा सड़क किनारे ही छोड़ दिया जा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.
शहर के कई इलाकों में यह आम दृश्य बन चुका है कि सफाई कर्मी नाली से गंदगी निकालकर उसे सड़क या नाली के किनारे ही छोड़ देते हैं. न तो उसका उठाव होता है और न ही सही तरीके से निपटान. ऐसे में सफाई का पूरा उद्देश्य ही खत्म हो जाता है. बारिश के दौरान यही कचरा फिर से नाली में बहकर चला जाता है, जिससे नालियां दोबारा जाम हो जाती हैं.
Arrah News : सफाई के नाम पर खानापूर्ति
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम सिर्फ दिखावे के लिए सफाई करवा रहा है. गर्मी के दिनों में भी यही कचरा सूखकर धूल बन जाता है और फिर से नालियों में जाकर जमा हो जाता है. इससे न सिर्फ गंदगी बढ़ती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बना रहता है. बावजूद इसके निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं.
Nagar Nigam : हर महीने 30 लाख खर्च, फिर भी हाल खराब
सबसे हैरानी की बात यह है कि नगर निगम हर महीने सफाई पर 30 लाख रुपये से अधिक खर्च कर रहा है. वहीं सालाना बजट 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है. इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है. सड़कों के किनारे कचरे का अंबार लगा रहता है और सफाई के बाद भी उसका उठाव नहीं किया जाता.
स्मार्ट सिटी से बाहर होने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
आरा नगर निगम की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह शहर स्मार्ट सिटी योजना से भी बाहर हो चुका है. वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने स्वच्छता और शहरी विकास को लेकर स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया था, लेकिन आरा नगर निगम मानकों पर खरा नहीं उतर सका. नतीजा यह हुआ कि शहर को मिलने वाले विकास के कई बड़े अवसर हाथ से निकल गए.
नगर आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त अंजू कुमारी ने कहा कि शहर में नियमित सफाई कराई जाती है. अगर कहीं कचरा उठाव में लापरवाही हो रही है, तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सुधार का इंतजार, जनता परेशान
फिलहाल शहर की जनता इस बदहाल व्यवस्था से परेशान है. लोग साफ-सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति से नाराज हैं और निगम से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं. अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है. अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम अपनी कार्यशैली में बदलाव लाता है या फिर हालात ऐसे ही बने रहते हैं.
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