दाढ़ी बनवाने के लिए घर से निकले थे, आरा में 14 दिन से लापता बुजुर्ग का नदी से मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

Arrah Crime : आरा के गजराजगंज ओपी क्षेत्र में 14 दिन से लापता 65 वर्षीय किसान श्याम बिहारी महतो का शव छोटकी सासाराम गांव के पास नदी से बरामद हुआ. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है. परिजनों ने पहले ही गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

आरा से मो. वसीम की रिपोर्ट
Arrah Crime : गजराजगंज ओपी क्षेत्र के बरगही गांव से 14 दिन पूर्व लापता हुए एक बुजुर्ग का शव सोमवार की सुबह छोटकी सासाराम गांव के घटवा पिपरा स्थित नदी से बरामद किया गया. शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया.

दाढ़ी बनवाने निकले थे, फिर नहीं लौटे घर

मृतक की पहचान उदवंतनगर थाना क्षेत्र के गजराजगंज ओपी अंतर्गत बरगही गांव निवासी स्व. लाल मोहर महतो के 65 वर्षीय पुत्र श्याम बिहारी महतो के रूप में हुई है. वह पेशे से किसान थे. मृतक के पुत्र तपेश्वर कुमार ने बताया कि 16 जून की सुबह उनके पिता दाढ़ी बनवाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों ने संबंधित दुकान पर पूछताछ की तो दुकानदार ने बताया कि दाढ़ी बनवाने के बाद वह नदी किनारे स्थित बांध के रास्ते घर के लिए निकले थे.

लापता होने की दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी

परिजनों ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. इसके बाद 21 जून को गजराजगंज ओपी में उनके लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई. पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे. इसी दौरान सोमवार की सुबह छोटकी सासाराम गांव के घटवा पिपरा स्थित नदी में उनका शव मिलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. मामले की जांच जारी है.

परिवार में मचा कोहराम

बताया जाता है कि श्याम बिहारी महतो दो भाई और दो बहनों में तीसरे स्थान पर थे. उनके परिवार में पत्नी चंद्रावती देवी, पुत्र तपेश्वर कुमार और पुत्री शैल कुमारी हैं. घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है. पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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