आरा के एसबी कॉलेज के पास सड़क के बीच में बन रहा नाला, प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आऱोप

आरा शहर में फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान सड़क के बीच में नाला बनाने का मामला तूल पकड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण के आगे प्रशासन झुक गया है, जिससे भविष्य में यातायात और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है.

Arrah Drainage Project Controversy : आरा शहर में चल रहे ड्रेनेज निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बामपाली से पुरानी पुलिस लाइन तक बन रही फोरलेन सड़क परियोजना के तहत नाला निर्माण में ऐसी स्थिति बन गई है कि अब सड़क के बीच में ही नाला बनाया जा रहा है. इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अतिक्रमणकारियों के आगे प्रशासन क्यों झुक गया.

इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान किया था. जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी बुडको के माध्यम से इस ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन काम की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

तीन एलाइन्मेंट में चल रहा है काम

जानकारी के अनुसार यह ड्रेनेज प्रोजेक्ट तीन अलग-अलग एलाइन्मेंट के तहत पूरा किया जा रहा है. एलाइन्मेंट ए के अंतर्गत आरा जीरो माइल से धोबीघाट, हनुमान मंदिर और स्टेशन रोड होते हुए बहिरो लाल तक करीब 6.171 किलोमीटर में काम चल रहा है.

वहीं एलाइन्मेंट बी के तहत रेलवे माल गोदाम से नवादा थाना, नवादा चौक, महावीर टोला, शहीद चौक, सुभाष चौक और टाउन थाना होते हुए नाला मोड़ तक लगभग 7.264 किलोमीटर लंबाई में नाला बनाया जा रहा है, जिससे पानी की निकासी गांगी नदी में की जाएगी.

एलाइन्मेंट सी में न्यू पुलिस लाइन, आरटीओ कार्यालय से चंदवा मोड़, गायत्री मंदिर और पुलिस लाइन क्षेत्र होते हुए नाला मोड़ तक करीब 3.4 किलोमीटर में निर्माण कार्य जारी है.

Arrah News: एसबी कॉलेज के पास बदली योजना

स्थानीय लोगों के मुताबिक न्यू पुलिस लाइन से नाला मोड़ तक का काम पहले सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहा था. चंदवा मोड़ की तरफ से नाला निर्माण भी तेज गति से हुआ. हालांकि वहां भी कई जगह अनियमितता की शिकायतें सामने आईं, जहां कहीं ज्यादा जमीन ले ली गई तो कहीं कम छोड़ी गई.

सबसे बड़ा विवाद एसबी कॉलेज के पास सामने आया. यहां करीब एक महीने पहले नाला निर्माण का काम रोक दिया गया था क्योंकि नाला कई घरों के बीच से गुजरने वाला था. आरोप है कि प्रशासन ने नरमी दिखाते हुए उन घरों को नहीं हटाया और अब नाला को सड़क के बीच से ही बनवाया जा रहा है.

भविष्य में बढ़ सकती है परेशानी

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बीच नाला बनाना भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है. इससे यातायात प्रभावित होगा और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ेगा. साथ ही अगर भविष्य में इसे किनारे शिफ्ट करना पड़ा तो दोबारा सरकारी पैसे खर्च होंगे, जो सीधे तौर पर संसाधनों की बर्बादी होगी.

प्रोजेक्ट डायरेक्टर के बयान पर उठे सवाल

इस मामले में प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि अमीन की मापी के दौरान वहां गैस पाइपलाइन और पानी की पाइपलाइन होने के कारण समस्या आ रही थी, इसलिए बीच सड़क से नाला बनाया जा रहा है.

हालांकि स्थानीय लोग इस दावे को खारिज कर रहे हैं. उनका कहना है कि पहले भी कई जगह गैस और पानी की पाइपलाइन को तोड़कर काम किया गया है, ऐसे में यहां अचानक यह कारण देना सवाल खड़ा करता है. लोगों ने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया बताते हुए जांच की मांग की है.

अब जांच और कार्रवाई की मांग

लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते आक्रोश के बीच अब लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर समय रहते इस गड़बड़ी को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में यह बड़ी समस्या बन जाएगी.


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Author: Narendra Prasad Sin

Published by: Anjani Pandey

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