सिकटी. बसंत के आगमन पर चैत्र मास की पारिबा तिथि को कलश स्थापना के साथ ही चैती नवरात्र का शुभारंभ हुआ. इसके तहत प्रखंड के बेलबाड़ी चंडी मंदिर में गुरुवार को कलश स्थापन के साथ चैती नवरात्र प्रारंभ हुआ. यह नौ दिनों तक चलने वाले सात्विक आहार व्यवहार के साथ महामाया देवी भगवती के विभिन्न स्वरूपों का आह्वान व पूजन प्रारंभ हो गया. जो नौ दिनों तक चलेगा. दशमी के दिन विसर्जन होगा हर वर्ष केवल चैती नवरात्र पर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कर पूजा की जाती है. इस मंदिर की स्थापना सहरसा के सूर्यानंद झा उर्फ लाल बावा के द्वारा इसी स्थान पर 1982 में सहस्त्र चंडी यज्ञ का आयोजन कर चंडी मंदिर के रूप में किया गया था. जिसके आयोजन में तत्कालीन ज्योतिष स्व मधुकांत मिश्रा का मुख्य योगदान रहा. आज मंदिर पूरी तरह से सुसज्जित होकर विराजमान है. इसके निर्माण में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला. तब से लेकर आज तक चैती नवरात्र में दुर्गा पूजा का प्रत्येक वर्ष आयोजन किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले श्रद्धालु कभी निराश होकर नहीं लौटते है. उनकी मन्नतें माता पूरी करती हैं. दस दिनों तक चलने वाले नवरात्र में पूरे गांव के लोग सात्विक भोजन ग्रहण करते है. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापन के दिन से दशमी तक प्रतिदिन कुमारी कन्या को भोजन कराया जाता है. महाष्टमी के रात्रि में निशा पूजा का आयोजन कर भक्ति जागरण का आयोजन होता है. पूजा में पुरोहित का भार पंडित रमेश मिश्रा व पुजारी के रूप में बलराम ठाकुर, नागेश्वर ठाकुर, पंडित त्रिलोकनाथ झा, पंडित अवधेश मिश्रा, रामदेव ठाकुर निर्वहन करते हैं.
बेलबाड़ी चंडी मंदिर में मां दुर्गा की पूजा शुरू
मंदिर में मंत्रोच्चार से माहौल हुआ भक्तिमय
