बैंक कर्मी पर लगाया लाखों रुपये के गबन का आरोप अररिया. जीविका सहायता समूह से जूड़े दर्जनों महिलाओं ने गुरुवार को आइसीआइसीआइ बैंक के सामने जमकर हंगामा किया. महिलाओं को आक्रोशित देखकर बैंक कर्मी ने बैंक के गेट को बंद कर दिया. जिसमें बैंक आने-जाने वाले ग्राहकों कुछ देर के लिए परेशानी झेलना पड़ा. हंगामा कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया की वे दियारी मजगामा में 18 सहायता समूह ने आइसीआइसीआइ बैंक में खाता खुलवाया था. इसके बाद वे लोग लोन लिए जाने के बाद किस्त लेने बैंक के ही कर्मी पंकज, रोशन, विपिन, प्रकाश सिंह आते थे. यह लोग महिलाओं से किस्त लेकर चले जाते थे व एक झूठी स्लिप दे दिया करते थे. जब उन लोगों को बैंक के तरफ से कॉल आया कि आप का किस्त जमा नहीं हो रहा है. जबकि वे लोग प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपये जमा करती थी. तबतक करीब 13 लाख से अधिक रुपये वे जमा करती रही. तब यह लोग हैरान हो गए व जब बैंक में जाकर देखा तो उन लोगों का कि किस्त जमा नहीं हुआ था. उस वक्त रामकुमार मिश्र बैंक के मैनेजर थे. उनको जानकारी दी गयी. इसके बाद बताया गया कि मामले का समाधान कर लिया जायेगा. इसको लेकर पटना से आइसीआइसीआइ बैंक के दो सदस्य टीम भी इस मामले की जांच पड़ताल के लिए आये थे. उन्होंने बताया की ये मामला गत वर्ष 2023 का है तब से अब तक टालमटोल किया जा रहा है. किस्त जमा होने की वजह से लगभग 400 महिलाओं का का सिविल खराब हो गया है. जिसकी वजह से महिलाओं को अन्य बैंक से भी लोन नहीं मिल पा रहा है. वहीं इस मामले में बैंक आधिकारिक चुप्पी साधे हुए व मीडिया कर्मी को एंट्री पर रोक लगा दिया है. इससे साफ तौर जाहिर होता है की बैंक की मिली भगत से लाखों का गबन किया गया.
आइसीआइसीआइ बैंक के सामने महिलाओं ने किया हंगामा

आइसीआइसीआइ बैंक के सामने महिलाओं ने किया हंगामा
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किस्त जमा नहीं होने की वजह से 400 महिलाओं का सिविल हुआ खराब