परवाहा (अररिया) से रवीन्द्र कुमार यादव की रिपोर्ट
Village Name Rectified: बिहार के अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड से सकारात्मक पत्रकारिता के असर की एक बड़ी खबर सामने आई है. रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के भोड़हा पंचायत अंतर्गत ‘ठेकपुरा’ गांव के नाम को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद और ग्रामीणों का आक्रोश अब शांत हो गया है. दरअसल, पथ निर्माण विभाग (Road Construction Department) की घोर लापरवाही के कारण एनएच 327 ई (NH 327E) अररिया-रानीगंज मुख्य मार्ग पर कमलपुर गांव के समीप लगे आधिकारिक दिशा-सूचक बोर्ड पर ठेकपुरा गांव का नाम बदलकर “ठगपुरा” लिख दिया गया था. इस गलत नामकरण से आहत ग्रामीणों की समस्या को ‘प्रभात खबर’ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार विभागीय अधिकारियों की नींद खुली और आनन-फानन में बोर्ड पर गांव का सही नाम अंकित करवा दिया गया है.
गलत नाम से ग्रामीणों में था आक्रोश, ‘प्रभात खबर’ ने जगाया प्रशासन
इस पूरे प्रकरण में विभागीय सुस्ती और मीडिया के हस्तक्षेप के बाद आए बदलाव को निम्नलिखित बिंदुओं के जरिए समझा जा सकता है:
- गांव वालों में थी मायूसी: एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक गांव का नाम बोर्ड पर “ठगपुरा” लिखे जाने से स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में काफी मायूसी थी. लोग इस गलत नाम के कारण सामाजिक स्तर पर उपहास का पात्र बनने से आक्रोशित थे.
- अधिकारियों ने तुरंत लिया संज्ञान: ग्रामीणों के इस गंभीर और जायज मुद्दे को ‘प्रभात खबर’ ने बीते गुरुवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था. समाचार पत्र में खबर छपते ही जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग के आला अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को समझा और तत्काल तकनीकी टीम को भेजकर बोर्ड पर नाम में सुधार (Rectification) करवाया.
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने की सराहना
सराहनीय प्रयास: प्रभात खबर इंपैक्ट (Impact) के तहत बोर्ड पर गांव का नाम ‘ठेकपुरा’ सुधारे जाने के बाद जैसे ही नई तस्वीर सामने आई, स्थानीय लोगों ने समाचार पत्र की धारदार और जनहित से जुड़ी कार्यशैली की जमकर सराहना की.
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं ने एकजुट होकर मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया. इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल प्रियदर्शी, भाजपा नेता शशि मिश्रा, संजय झा और संजीव झा आदि ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्रामीण परिवेश की इस बेहद संवेदनशील समस्या को अधिकारियों तक पहुँचाने और उसका त्वरित समाधान कराने में ‘प्रभात खबर’ का यह प्रयास काफी सराहनीय और काबिलेतारीफ है. अब ग्रामीण गर्व से अपने गांव की पहचान मार्ग पर देख पा रहे हैं.
