साला व बहनोई का एक साथ उठी अर्थी परवाहा बौसी थाना क्षेत्र के चिरवाहा रेहिका वार्ड संख्या 11 में एक साथ साले व बहनोई का अर्थी उठने से स्थानीय लोग सदमे में हैं. चिरवाहा रेहिका में बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक बुखार ने चिरवाहा रेहिका में कई किशोर का जान ले लिया है. लेकिन हर बार जांच के नाम पर सीएस से लेकर स्वास्थ्य विभाग के कई जवाबदेह अधिकारियों का दौरा भी गांव में हो चुका है. लेकिन मौत की सही वजह अब तक सामने नहीं आ पाया है. बीते वर्ष भी आधा दर्जन बच्चों ने बुखार के कारण दम तोड़ा है. जांच के लिए जांच टीम मच्छर, पानी, चूहा पकड़कर ले गए थे. लेकिन परिणाम क्या हुआ इसका जानकारी आमलोगों को नहीं हो पाई. बुखार से मौत का मामला ने सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस महादलित बस्ती में हीं बुखार से मौत क्यों. सोमवार को करीब एक सप्ताह से बीमार चल रहे एक किशोर का बुखार ने जिंदगी छीन लिया है. मृतक 15 वर्षीय किशोर सूरज कुमार पिता सस्ता ऋषिदेव बताया जा रहा है. जबकि मृतक सूरज को सोमवार को देखने के लिए विशनपुर निवासी 30 वर्षीय अक्षय ऋषिदेव पिता बेचन ऋषिदेव पहुंचे थे. साले को देखने पहुंचे बहनोई ने भी कुछ देर बाद दम तोड़ दिया. एक साथ साला व बहनोई का अर्थी उठने से गांव में मातम पसरा हुआ है. इधर रानीगंज रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ रोहित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते हीं मेडिकल टीम को भेजा गया है. एक व्यक्ति का सामान्य मौत हुआ है. दूसरे की मौत का जांच चल रहा है.
बौंसी के चिरवाहा रेहिका में दो की मौत, सदमे में परिजन
हर बार जांच के नाम पर सीएस से लेकर स्वास्थ्य विभाग के कई जवाबदेह अधिकारियों का दौरा भी गांव में हो चुका है
