अररिया जिले की फारबिसगंज थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शिक्षक से हुई लूटपाट की घटना का महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से लूटे गए दोनों मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं.
स्टेशन जाने के दौरान पानी टंकी मोड़ के पास हुई थी घटना
एसडीपीओ (SDPO) राज किशोर कुमार ने बुधवार को फारबिसगंज आदर्श थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि ली अकादमी रोड (वार्ड संख्या 15) निवासी सुशांत शर्मा (पिता- निगम शर्मा), जो कंकड़बाग (पटना) स्थित केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, 28 जुलाई की सुबह लगभग 3:15 बजे ट्रेन पकड़ने फारबिसगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे. इसी दौरान पानी टंकी मोड़ के पास एक अज्ञात अपराधी ने हथियार दिखाकर उनसे दो मोबाइल और नगदी लूट ली.
हाथापाई में शिक्षक ने छीन ली थी 'लाइटर गन'
लूटपाट के दौरान शिक्षक सुशांत शर्मा ने साहस दिखाते हुए अपराधी का प्रतिकार किया. हाथापाई के क्रम में शिक्षक ने अपराधी के हाथ से पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु छीन ली, जिसके बाद अपराधी भाग खड़ा हुआ.
शिक्षक ने थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और छीनी गई वस्तु पुलिस को सौंप दी. तहरीर के आधार पर फारबिसगंज थाना में बीएनएस (BNS) की धारा 409(4) के तहत कांड संख्या 483/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पकड़ा गया पोखरिया बस्ती का आजाद
एसडीपीओ ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान के जरिए आरोपी की पहचान पोखर बस्ती निवासी मो. आजाद (पिता- मो. सिराज) के रूप में हुई.
पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार असली पिस्टल नहीं, बल्कि पिस्टल के आकार का 'लाइटर' (Lighter Gun) था. गिरफ्तार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ फारबिसगंज थाने में पहले से कई मामले (कांड सं. 1042/19 व 1046/19) दर्ज हैं.
छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष मनोज कुमार, सब-इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार मिश्रा, अमित राज, अनुराधा कुमारी व अन्य पुलिस बल शामिल थे.
