बथनाहा (अररिया) से विनय ठाकुर की रिपोर्ट
SSB: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद अग्रिम पंक्ति के सुरक्षा बल, 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बथनाहा ने अपना 14वां स्थापना दिवस (Raising Day) अत्यंत गरिमामयी और हर्षोल्लासपूर्ण माहौल में मनाया. वाहिनी मुख्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह की शुरुआत कार्यवाहक कमान अधिकारी (कमांडेंट) नितिन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एसएसबी ध्वज को सलामी और ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (Guard of Honour) देकर की गई. इसके बाद एसएसबी महानिदेशक (DG) की ओर से भेजे गए विशेष बधाई और प्रेरणा संदेश को वाहिनी के सभी अधिकारियों और बल कार्मिकों के समक्ष पढ़कर सुनाया गया.
खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न मनोरंजक और सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से देखा जा सकता है:
- मनोरंजक खेल मुकाबले: स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए वाहिनी मुख्यालय में बल के जवानों, उनके परिवारों और बच्चों के लिए विशेष खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसमें जलेबी रेस, स्पून लेमन रेस, म्यूजिकल चेयर और रस्साकसी (टग ऑफ वॉर) जैसी प्रतियोगिताओं में सबने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
- अतिथियों का सम्मान: इस ऐतिहासिक दिन पर मुख्य अतिथि के रूप में एसएसबी क्षेत्रक मुख्यालय पूर्णिया के उप महानिरीक्षक (DIG) मधुकर अमिताभ उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान द्वितीय कमान अधिकारी ने मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों को पुष्पगुच्छ (बुके) और शॉल भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया.
“सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” के संकल्प पर अडिग है एसएसबी: उप महानिरीक्षक
अधिकारियों का संबोधन: अपने संबोधन में उप महानिरीक्षक मधुकर अमिताभ और कार्यवाहक कमान अधिकारी ने सशस्त्र सीमा बल के गौरवशाली इतिहास और इसके मूल आदर्श वाक्य “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” पर विस्तृत प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि देश की सबसे शांत मानी जाने वाली भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में 56वीं वाहिनी का योगदान हमेशा से ही सराहनीय रहा है.
सीमावर्ती आबादी में राष्ट्रवाद जगाने और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा
सुरक्षा और सामाजिक सरोकार:
समारोह के दौरान अधिकारियों ने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों के बीच राष्ट्रवाद की भावना को और मजबूत करें. उन्होंने सभी कार्मिकों को पूर्ण समर्पण, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख दी. इसके साथ ही उन्होंने कड़कड़ाती धूप और कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों को उनके सपरिवार स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
बड़ा खाना के साथ समापन:
शाम को वाहिनी के जवानों और स्थानीय कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक देशभक्ति और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने समां बांध दिया. अंत में बल की पारंपरिक रीतियों के अनुसार भव्य ‘बड़ा खाना’ (विशेष सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों और जवानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया. इसी के साथ इस एक दिवसीय स्थापना दिवस समारोह का विधिवत समापन हुआ.
