पड़ोसी देश नेपाल में बीते दिनों दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प और उपजे तनाव का सीधा असर भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. बुधवार को कुर्साकांटा प्रखंड से सटी मेघा सीमा सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (SSB) की 52वीं वाहिनी और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
गहन जांच और पहचान पत्र के बाद ही आवागमन
मेघा सीमा पर तैनात एसएसबी 52वीं वाहिनी के जवानों ने बताया कि सीमा पार से आने-जाने वाले प्रत्येक नागरिक की मुस्तैदी से जांच की जा रही है.
आवागमन करने वाले लोगों के वैध कागजात, आधार कार्ड और पहचान पत्र के सत्यापन के साथ-साथ सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है. हालांकि, सीमा पार तनाव के कारण आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही काफी कम रही और सीमा क्षेत्र में सन्नाटा छाया रहा.
एसएसबी और नेपाल एपीएफ के बीच समन्वय
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एसएसबी और नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है. दोनों देशों के सुरक्षा बल साझा रणनीति के तहत सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार सतर्कता बरत रहे हैं.
इसके अलावा लैलोखर बॉर्डर, डुमरिया बॉर्डर और सोनामनी गोदाम सीमा पर भी एसएसबी के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.
स्थानीय पुलिस स्टेशन लगातार कर रहे हैं गश्त
सुरक्षा चक्र को और मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है. कुआड़ी थाना, कुर्साकांटा थाना और सोनामनी गोदाम थाना की पुलिस टीमों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च और पेट्रोलिंग (गश्त) की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अवांछनीय गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जा सके.
