अररिया समाहरणालय स्थित कार्यालय में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जुलाई माह की मासिक अपराध समीक्षा बैठक (Crime Meeting) आयोजित की गई. बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों के निपटारे और भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई. एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमावर्ती इलाकों में अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और एसएसबी (SSB) की ओर से संयुक्त कार्रवाई और गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.
थानों के पेंडिंग केस और वारंट पर सख्त रुख
एसपी जितेंद्र कुमार ने अररिया और फारबिसगंज अनुमंडल के एसडीपीओ, मुख्यालय डीएसपी, यातायात व साइबर डीएसपी सहित सभी थानों के थानाध्यक्षों और सर्किंल इंस्पेक्टरों के साथ थाना-वार समीक्षा की:
- लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन: सम्मन, कुर्की-जब्ती और गैर-जमानती वारंट (NBW) के मामलों को तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया.
- विशेष कोषांगों का संचालन: थानों में महिला हेल्प डेस्क, विधि कोषांग तथा लोक शिकायत निवारण कोषांग को सुचारू रूप से संचालित रखने का आदेश दिया.
- एसडीपीओ को निर्देश: विशेष प्रतिवेदित कांडों (Special Reported Cases) के सुपरविजन (पर्यवेक्षण) में तेजी लाने की ताकीद की गई.
बॉर्डर सुरक्षा: पुलिस और SSB चलाएंगे संयुक्त अभियान
बैठक में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
| प्रमुख निर्णय | कार्य योजना |
| संयुक्त गश्ती (Joint Patrol) | एसएसबी और स्थानीय पुलिस की टीम सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त करेगी. |
| पिलर-टू-पिलर चेकिंग | हर पिलर तक पैदल गश्त बढ़ाई जाएगी और ग्राउंड ऑपरेशन तेज किए जाएंगे. |
| चेक पोस्ट पर साझा तैनाती | सीमा के सभी अधिकृत चेक पोस्टों पर दोनों बलों के जवानों की संयुक्त तैनाती होगी. |
| वैकल्पिक रास्तों पर नजर | सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए कच्चे-वैकल्पिक मार्गों पर निगरानी तेज होगी. |
एसपी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और एसएसबी के बीच हर अभियान में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर काम किया जाएगा.
