वृद्ध मां के हत्यारे पुत्र को उम्रकैद की सजा

फेकनी देवी के दो पुत्र थे पंजाब में

मां से विवाद में पुत्र को हुई थी एक बार जेल, इस बात का बदला लेने के लिए कर दी मां की हत्या

अररिया. न्यायमंडल अररिया के एडीजे 04 रवि कुमार की अदालत ने जमीन विवाद में मां की हत्या करने का मामला प्रमाणित होने पर जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र के सतवेर वार्ड संख्या 07 निवासी 50 वर्षीय शंकर मंडल को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. दोषी पुत्र शंकर मंडल को उम्रकैद की सजा के अलावा विभिन्न धाराओं में 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना की राशि जमा नहीं होने पर पुत्र को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश जारी किया गया है. सरकार की ओर से एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि सजा एसटी 697/ 2024 में सुनाया गया है. बताया गया कि जमीनी विवाद को लेकर अकसर फेकनी देवी व उसके बड़े पुत्र शंकर मंडल व पुत्रवधू वीणा देवी से विवाद होता था. जमीन विवाद में फेकनी देवी का सिर फोड दिया गया था. जिसको लेकर शंकर मंडल को जेल हुई थी. जेल से लौटने पर आरोपि शंकर मंडल ने षडयंत्र कर 13 मई 2024 को 10 बजे दिन में अपने घर में अपनी वृद्ध माता की हत्या कर शव को अर्ध जला कर साक्ष्य मिटाने के लिए मक्का खेत में फेंक दिया था. सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष से अधिवक्ता छंगुरी मंडल व अधिवक्ता किशोर कुमार श्रीवास्तव ने कम से कम से देने की गुहार लगायी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायाधीश रवि कुमार ने आरोपी पुत्र शंकर मंडल की सजा मुकर्रर की.

फेकनी देवी के दो पुत्र थे पंजाब में, इस बीच शंकर ने घोठ दिया मां का गला

बताया गया कि फेकनी देवी के अन्य दो पुत्र पंजाब में थे. इसलिए घटना की जानकारी होने पर फेकनी देवी के देवर सुकदेव मंडल ने अपने बड़े भतीजा शंकर मंडल को बताया कि उसकी मां फेकनी का शव मिला है, जल्दी आओ, लेकिन शंकर मंडल नहीं आया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वृद्ध मृतिका फेकनी देवी के 70 वर्षीय देवर सुकदेव मंडल ने अपने भतीजा व भतिज पुतहु वीणा देवी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया. एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि साक्ष्य में आया है कि शव को देखने से पता चल रहा था कि फेकनी देवी का मुंह, पेट जला हुआ व पांव-हाथ में चोट का निशान पाया गया. कोर्ट में सभी गवाहों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया. गवाहों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश रवि कुमार ने आरोपी पुत्र शंकर मंडल को दोषी पाया. जबकि साक्ष्य के अभाव में शंकर मंडल की धर्मपत्नी वीणा देवी को दोषमुक्त किया.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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