यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान का शुक्रवार को अररिया जिले में भी व्यापक असर देखने को मिला. अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिले की सभी बैंक शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे संपूर्ण बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा. शाखाओं में ताले लटके रहने के कारण आम ग्राहकों और व्यापारियों को नकद लेन-देन व चेक क्लीयरेंस में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
SBI मुख्य शाखा के सामने सरकार व IBA के खिलाफ नारेबाजी
शुक्रवार सुबह अररिया में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा के सामने AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC सहित विभिन्न बैंक यूनियनों से जुड़े सैकड़ों अधिकारी व कर्मचारी एकजुट हुए. हाथों में बैनर और पोस्टर थामे बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया.
बैंक कर्मियों की 4 प्रमुख मांगें
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला संयोजक छोटेलाल गुप्ता ने सरकार पर बैंक कर्मियों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया और अपनी चार प्रमुख मांगें दोहराईं:
- 5-डे बैंकिंग: सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग कार्य (5-Day Work Week) के नियम को अविलंब लागू किया जाए.
- PLI योजना पर रोक: सरकार की एकतरफा व भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को वापस लिया जाए और इसके क्रियान्वयन पर तुरंत रोक लगाई जाए.
- द्विपक्षीय बातचीत: बैंकिंग योजनाओं में किसी भी बदलाव या नई नीति को लागू करने से पहले ट्रेड यूनियनों के साथ अनिवार्य रूप से द्विपक्षीय बातचीत की जाए.
- लंबित मांगों का समाधान: बैंक कर्मियों के कल्याण से जुड़ी अन्य सभी लंबित मांगों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान किया जाए.
मांगें नहीं मानी तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
आक्रोशित बैंक कर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शुक्रवार की एक दिवसीय हड़ताल सिर्फ एक शुरुआत है. यदि सरकार उनकी मांगों को अनसुना करती है, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा:
- 28, 29 व 30 सितंबर को देशभर में तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की जाएगी.
- यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला, तो 26 अक्टूबर से सभी बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में जिला संयोजक छोटे लाल गुप्ता के साथ विवेक कुमार, सूरज कुमार, अमन कुमार, मासूम रेजा, सुशील कुमार गुप्ता, राजीव कुमार, छाया गुप्ता, रोहित कश्यप, संतोष झा, विपिन कुमार और सुरभि बेहरा सहित भारी संख्या में बैंक कर्मी शामिल रहे.