अररिया के सिकटी से संजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट
Sanjay Nandan Biswas: अररिया जिले के सिकटी प्रखंड क्षेत्र के शिक्षा जगत के लिए रविवार का दिन बेहद भावुक और यादगार रहा. उच्च माध्यमिक विद्यालय खोरागाछ में लंबे समय तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले प्रधानाध्यापक संजय नंदन विश्वास के सेवानिवृत्त (रिटायर) होने पर विद्यालय प्रांगण में एक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर सामूहिक रूप से की गई. इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता उपप्रमुख लखीचंद प्रमाणिक ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन शिक्षक राजेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया. समारोह में मंचासीन निवर्तमान प्रधानाध्यापक सहित तमाम गणमान्य अतिथियों को फूल-माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया.
प्रधानमंत्री और बड़े अधिकारी भी गुरु से ही पाते हैं शिक्षा: विधायक
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक विजय कुमार मंडल ने शिक्षा और शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डाला:
- गुरु की महिमा सर्वोपरि: विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु के बिना कोई भी व्यक्ति सही मायने में इंसान नहीं बन सकता. शिक्षक का स्थान समाज में सबसे ऊंचा है. देश के प्रधानमंत्री से लेकर दुनिया के बड़े से बड़े अधिकारी तक, सभी ने किसी न किसी गुरु से ही शिक्षा पाकर यह मुकाम हासिल किया है.
- शिक्षा से जुड़े रहेंगे संजय नंदन: विधायक ने उच्च माध्यमिक विद्यालय खोरागाछ के कायाकल्प और पठन-पाठन की बेहतर स्थिति के लिए संजय नंदन विश्वास के अहम योगदान की सराहना की. उन्होंने घोषणा की कि वे संजय नंदन विश्वास के अनुभव का लाभ उठाने के लिए उन्हें विधानसभा क्षेत्र के सभी उच्च विद्यालयों (उवि) की समितियों में बतौर सदस्य मनोनीत करेंगे, ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना सहयोग देते रहें.
खुद का मूल्यांकन करें शिक्षक, बदल जाएगी सरकारी स्कूलों की सूरत
विदाई संदेश में छलका अनुभव: अपने विदाई सह सम्मान समारोह से अभिभूत निवर्तमान प्रधानाध्यापक संजय नंदन विश्वास ने भावुक स्वर में अपने सेवाकाल के अनुभवों को साझा किया. उन्होंने कहा, “सरकारी सेवा में आने वाले हर व्यक्ति को एक न एक दिन सेवानिवृत्त होना ही पड़ता है. जब मैंने यहाँ योगदान दिया था, तब मेरे मन में हमेशा यह कसक रहती थी कि सरकारी विद्यालय निजी (प्राइवेट) स्कूलों की तरह आधुनिक और अनुशासित क्यों नहीं हो सकते? आज हमारे पास बेहद योग्य शिक्षक हैं. अगर हम सभी शिक्षक प्रतिदिन ईमानदारी से अपना आत्म-मूल्यांकन (स्व मूल्यांकन) कर बच्चों को पढ़ाएं, तो सरकारी विद्यालयों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी.” उन्होंने सहकर्मियों से अपील की कि विद्यालय को अपना घर समझकर काम करें, आपका अच्छा काम ही आपको समाज में असली प्रतिष्ठा दिलाएगा.
विदाई की बेला में उपहार देकर किया गया सम्मानित, नम आँखों से दी विदाई
समारोह की उपस्थिति और सम्मान:
समारोह को माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) नरेंद्र झा, प्रमुख प्रतिनिधि कमरुज्जमा, डॉ. शत्रुघ्न मंडल, उपप्रमुख लखीचंद, विजय विश्वास, हरि प्रमाणिक, जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव असरारूल हक, सेवानिवृत्त शिक्षिका शशिकला, संघीय पदाधिकारी भुवनेश्वर पांडे, गोपिकांत राम, प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रतिनिधि जटाधर झा, किशोर पासवान और भुवनेश्वर प्रसाद सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया और उनके कार्यकाल को अनुकरणीय बताया.
विदाई के अंतिम क्षणों में विद्यालय परिवार, प्रखंड के अन्य शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक संजय नंदन विश्वास को शॉल, वस्त्रादि (कपड़े), धार्मिक ग्रंथ और विभिन्न पारितोषिक (उपहार) देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान सहकर्मियों, छात्र-छात्राओं और उपस्थित ग्रामीणों की आंखें नम थीं. सभी ने उनके सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु सेवानिवृत्त जीवन की कामना की.
