श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह का वर्णन

झांकी ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

फारबिसगंज. शहर के प्रकाश प्रसाद के निज निवास पर आयोजित 08 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को भक्ति की अविरल धारा बही. कथा के छठे दिन व्यासपीठ से कथावाचक नारायण शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के रास रहस्य, अक्रूर आगमन, कंस वध व भगवान के रुक्मिणी मंगल (विवाह) के प्रसंगों का सजीव वर्णन किया. कंस वध से हुआ अधर्म का अंत कथा के दौरान जब कंस वध का प्रसंग आया, तो समूचा पंडाल जय श्री कृष्णा के जयघोष से गूंज उठा. कथावाचक ने बताया कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं. शुक्रवार की कथा का मुख्य आकर्षण रुक्मिणी विवाह उत्सव रहा. कथा के दौरान रुक्मिणी व श्रीकृष्ण के विवाह की झांकी निकाली गई, जिसे देख भक्त भाव-विभोर हो गए. जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण व माता रुक्मिणी का पाणिग्रहण संस्कार हुआ, श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की व मंगल गीत गाए. महिलाओं ने पारंपरिक गीतों पर नृत्य कर उत्सव को और भी आनंदमयी बना दिया. मुख्य यजमान राम प्रकाश प्रसाद व उनके परिजनों ने व्यासपीठ व भागवत महापुराण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRAPHULL BHARTI

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >