रहिकपुर वन क्षेत्र में हरित यज्ञ, प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने किया 10 हजार पौधों का महा-वृक्षारोपण

Plantation Drive: अररिया आरएस स्थित रहिकपुर सुरक्षित वन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक ऐतिहासिक पहल की गई है. बिहार सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद के नेतृत्व में करीब 10,000 पौधों का रोपण किया गया, जहां उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की भावुक अपील की.

अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट

Plantation Drive: बढ़ती तपन और पर्यावरण असंतुलन के बीच सीमांचल को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में अररिया वन विभाग ने एक बड़ी छलांग लगाई है. रविवार को अररिया जिला मुख्यालय के समीप अररिया आरएस स्थित रहिकपुर सुरक्षित वन क्षेत्र में व्यापक स्तर पर (वृहद) वृक्षारोपण महाभियान चलाया गया. बिहार सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री सह अररिया जिला के प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने इस हरित अभियान का विधिवत शुभारंभ किया. वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) चंचल प्रकाशम के कुशल संयोजन में आयोजित इस महाभियान के तहत एक ही दिन में 10 हजार से अधिक फलदार व छायादार पौधों का रोपण कर नया रिकॉर्ड बनाया गया. इस दौरान पूरा वन क्षेत्र ‘एक पेड़ मां के नाम’ के नारों से गूंज उठा.

“जैसे मां पालती है, वैसे पेड़ जीवन देते हैं”; प्रभारी मंत्री ने लगाया कदंब का पौधा

  • भावनात्मक मुहिम: प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने खुद अपने हाथों से मिट्टी खोदकर और पानी देकर पौधरोपण कर इस महाभियान का आगाज किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, “जिस तरह एक मां निःस्वार्थ भाव से हमारा पालन-पोषण करती है, ठीक उसी तरह पेड़-पौधे भी हमें ऑक्सीजन और जीवन देते हैं. इसलिए धरती मां और अपनी जन्मदात्री मां के सम्मान में हर नागरिक को इस मानसून में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए.”
  • स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता: पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को प्राकृतिक रूप से मजबूत और समृद्ध करने के लिए वन विभाग ने इस बार हाइब्रिड के बजाय स्थानीय व पारंपरिक प्रजातियों को प्राथमिकता दी. अभियान के तहत मुख्य रूप से महुआ, कटहल, जामुन और कदंब जैसे घने व फलदार पौधे रोपे गए. प्रभारी मंत्री ने स्वयं एसएसबी के जवानों के साथ मिलकर कदंब का पौधा लगाया.

स्कूल के बच्चों से लेकर SSB के जवानों तक ने दिखाई सामाजिक सहभागिता

हरित यज्ञ में उमड़ा जनसैलाब: यह पौधारोपण कार्यक्रम केवल एक सरकारी औपचारिकता न बनकर व्यापक सामाजिक सहभागिता (Social Participation) की एक अनूठी मिसाल बन गया. इस हरित यज्ञ में समाज के हर वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:

  • स्कूली बच्चों का उत्साह: मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने पूरे जोश के साथ कतारबद्ध होकर महुआ और कटहल के पौधे लगाए.
  • सुरक्षा बलों का संकल्प: सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों और बिहार पुलिस के आला अधिकारियों व जवानों ने मंत्री के साथ मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया.
  • ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सम्मान: आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारी की बहनों ने प्रभारी मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर इस बेहतरीन हरित पहल की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया. इसके साथ ही भाजपा के जिलाध्यक्ष और सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रमदान किया.

ड्रिप इरिगेशन तकनीक से होगी 10 हजार पौधों की कड़क निगरानी

अक्सर देखा जाता है कि सरकारी स्तर पर पौधे तो लगा दिए जाते हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में वे सूख जाते हैं. इस समस्या का समाधान करते हुए अररिया के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) चंचल प्रकाशम ने एक बेहद कड़ा और वैज्ञानिक मास्टरप्लान पेश किया.

डीएफओ ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि रहिकपुर वन क्षेत्र में लगाए गए सभी 10 हजार पौधों की शत-प्रतिशत उत्तरजीविता (Survival) सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है. वन विभाग इन पौधों की सिंचाई के लिए आधुनिक ड्रिप इरिगेशन (टपकन सिंचाई पद्धति) का इस्तेमाल करेगा. साथ ही, वनकर्मियों की टीम रोजाना इन पौधों की मॉनिटरिंग और सुरक्षा की कड़क निगरानी करेगी, ताकि ये पौधे सुरक्षित तरीके से बड़े पेड़ का रूप ले सकें. यह अभियान अररिया को आने वाले समय में एक बेहतरीन ऑक्सीजन हब के रूप में नई पहचान दिलाएगा.

अररिया की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >