समाज में फैली बुराइयों को दूर कर ही सभ्य समाज का होगा निर्माण अररिया. अररिया प्रखंड क्षेत्र के कोशकीपुर पंचायत स्थित मदरसा इस्लामिया मारीफुल कुरान में तालीमी बेदारी, इस्लाहे माशरा व तामीर मदरसा को लेकर एक जलसा का आयोजन किया गया. जिस सदारत दारुल उलूम रहमानी के मुफ्ती अलीम उद्दीन कासमी ने की. जबकि जलसा की नजामत मौलाना तौकीर रियाजी ने किया. मौके पर उलमाओं ने तालीम की अहमियत व समाज में फैली विभिन्न प्रकार की बुराइयों पर विस्तार से अपनी तकरीर पेश की. सभी उलमाओं ने कहा कि तालीम विकास की कुंजी है जिससे तरक्की के तमाम रास्ते खुलते हैं. आज वहीं कौम व मुल्क तरक्की याफ्ता है जहां तालीम है. तालिम के बगैर हम विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते. वहीं मौलाना ने आज समाज में फैली विभिन्न प्रकार की बुराइयों पर भी अपनी तकदीर पेश की जिसमें खास तौर से दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम व नशा के खिलाफ अपनी तकरीर पेश की. आज हमारा युवा समाज पूरी तरह विभिन्न प्रकार के नशा की चपेट में है. इसपर अगर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो युवा समाज पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा. इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. जलसा में स्थानीय उलमाओं ने अपनी तकरीर पेश की जिसमें जमीयतुल उलमाए हिंद अररिया के जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती अतहरुल कासमी,मुफ्ती हुमायूं इकबाल, मुफ्ती नसीम उद्दीन कासमी, मौलाना नैयरूल इस्लाम, मौलाना मरगूब आलम, अलहाज मास्टर मो हाशिम, हाफिज खालिद हुसैन, हाफिज जाहिद आलम ने जलसा में अपनी तकरीर पेश की. मौके पर पूर्व मुखिया प्रो वशीकुर्रहमान, अबू शाद, अबु तलहा, मो राजा, अंसर रेजा के अलावा अगल बगल पंचायत के हजारों लोग मौजूद थे. देर रात दुआओं के बाद जलसा संपन्न हो गया.
तालीम के बगैर तरक्की नामुमकिन: मुफ्ती अतहर
तालीमी बेदारी व इसलाहे माशरा जलसे का आयोजन
