प्रभात इंपैक्ट: 12 साल पुरानी जर्जर सड़क पर विभाग ने की संवेदक पर कार्रवाई

Prabhat Khabar Impact: लगातार उठ रहे सवालों और ग्रामीणों की नाराजगी के बीच 12 साल पुरानी जर्जर सड़क मामले में ग्रामीण कार्य विभाग को आखिरकार सफाई देनी पड़ी. प्रभात खबर डिजिटल पोर्टल पर खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन जारी किया है. विभाग ने सड़क निर्माण में आयी बाधा, संवेदक की लापरवाही और उसपर की गयी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की है.

अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट:

Prabhat Khabar Impact: फारबिसगंज क्षेत्र में 12 साल पुरानी सड़क हुई जर्जर, आवागमन में हो रही परेशानी’ शीर्षक के साथ समाचार प्रभात खबर के डिजिटल पोर्टल पर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. इस मामले में ग्रामीण कार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी भूमि विवाद के कारण सड़क का एक हिस्सा अधूरा रह गया था, जबकि शेष सड़क का निर्माण वर्ष 2021 में ही पूरा कर लिया गया था. विभाग ने अनुरक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदक पर आर्थिक दंड लगाने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा भी की है.

233 मीटर सड़क भूमि विवाद में फंसी

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को भेजे प्रतिवेदन में कार्यपालक अभियंता ने बताया कि संबंधित सड़क के 233 मीटर हिस्से का निर्माण निजी भूमि विवाद के कारण नहीं हो सका. विभागीय अधिकारियों ने 8 जून 2026 को स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि विशनदेव मंडल एवं विनोद कुमार सुधांशु की जमीन से जुड़े विवाद के कारण कार्य बाधित रहा. प्रतिवेदन के अनुसार, शेष 2.889 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 1 मार्च 2021 को पूर्ण कर लिया गया था. हालांकि इसके बाद सड़क के अनुरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में संवेदक पूरी तरह विफल रहा.

अनुरक्षण नहीं करने पर जब्त हुई 8.56 लाख की राशि

विभाग ने बताया कि संवेदक जय माता दी कंस्ट्रक्शन ने तीसरे, चौथे और पांचवें वर्ष के अनुरक्षण कार्य नहीं किए. कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य नहीं होने पर ई-मार्ग मोबाइल ऐप से निरीक्षण कराया गया, जिसमें सड़क को ‘यू’ ग्रेड मिला. इसके बाद संवेदक की 8 लाख 56 हजार 784 रुपये की पीएसडी राशि जब्त कर ली गयी.

ब्लैकलिस्ट करने की हुई अनुशंसा

ग्रामीण कार्य विभाग ने बताया कि एमएमजीएसवाई योजना के तहत अधूरे कार्य और अनुरक्षण में लापरवाही के कारण संवेदक को तीन अलग-अलग सड़क परियोजनाओं में काली सूची में डालने की अनुशंसा की गई है. वहीं पीएमजीएसवाई के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

नयी निविदा और मरम्मत की तैयारी करने में जुटा विभाग

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सड़क के पुनर्निर्माण और अनुरक्षण के लिए संशोधित प्राक्कलन तैयार कर विभाग को भेजा गया है. एक सड़क परियोजना की नई निविदा भी प्रकाशित की जा चुकी है. साथ ही बकाया राशि की वसूली के लिए नीलाम-पत्र वाद दायर किया गया है.

ग्रामीणों को अब कार्रवाई का इंतजार

विभागीय सफाई और कार्रवाई के दावों के बावजूद स्थानीय लोगों की नजर अब सड़क की वास्तविक मरम्मत और निर्माण कार्य पर टिकी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से जर्जर सड़क के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है. ऐसे में विभागीय कार्रवाई तभी सार्थक मानी जाएगी जब सड़क पर जल्द निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू होगा.

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Published by: Shruti Kumari

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