धर्मगंज मेला के अस्तित्व को बचाने की गुहार

अतिक्रमण मुक्त मेला परिसर की मांग की

अतिक्रमण मुक्त मेला परिसर की मांग की सिकटी. पलासी प्रखंड क्षेत्र में बसंत पंचमी के अवसर पर लगने वाला चर्चित धर्मगंज मेला का उद्घाटन शुक्रवार को प्रभारी सीआइ पवन कुमार पंडित, राजस्व कर्मचारी राजू कुमार, विश्वजीत शाही ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. सीआइ ने आमजनों से मेला के सफल आयोजन में सहयोग की अपील की. मालूम हो कि धर्मगंज मेला का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. प्रशासनिक उदासीनता व कालांतर में कई आपराधिक घटनाओं सहित कतिपय कारणों से आज यह मेला अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है. इतना ही नहीं करीब एक महीने तक लगने वाले इस मेले से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को इतनी आय हो जाती थी कि सालभर की रोजी रोटी का जुगाड़ हो जाता था. सरकार को भी इस मेले से अच्छी राजस्व की प्राप्ति होती थी. मेला का अस्तित्व बचने ले लिए समाज के बुद्धिजीवियों व ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन से गुहार लगाई है. पूर्व में तत्कालीन डीएम को एक ज्ञापन सौंप पर मेला परिसर की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की गुहार लगाई थी. इसपर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था.उनके स्थानांतरण के बाद मामला ठंडा पड़ गया. मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता मिथुन यादव ने बताया कि अब मेला बीते दिनों की बात हो गई है. ग्रामीण स्तर पर प्रशासन के सहयोग से पुनः मेला लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जिसका वरीय पदाधिकारियों ने आश्वासन भी दिया है. जबकि स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण मेला परिसर अतिक्रमण मुक्त कराने सहित मेला परिसर जो सैरात महल बिहार सरकार की भूमि है. जिस भूमि पर पूर्व में मेला का आयोजन किया जाता था प्रशासनिक उदासीनता के कारण ना तो उसका सीमांकन ही किया गया है, ना ही उसको अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. इतना ही नही इस भूमि पर नकली कागजात के सहारे पीएम आवास का निर्माण किया जा रहा है इसपर प्रशासन की मौन स्वीकृति है. इतना ही नही धर्मेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर का एक भाग जो सैरात की भूमि है. उस स्थल पर मांस-मछली की दुकान साजिश के तहत खोली गई है जो मंदिर की पवित्रता पर सवाल उठने लगे हैं. इतना ही नही इन दुकानदारों द्वारा फर्जी बंदोबस्त कराया गया.

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By Praphull bharti

प्रफुल्ल भारती प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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