Araria News: अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा से सटे फुलकाहा थाना क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 99 किलो गांजा जब्त किया है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ, लेकिन तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए व्यापक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है.
सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में निगरानी और सख्त कर दी गई है.
गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त छापेमारी
फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य और फुलकाहा एसएसबी बीओपी प्रभारी सहायक सेनानायक के नेतृत्व में पुलिस और एसएसबी जवानों की संयुक्त टीम ने भवानीपुर सुरसर नदी बांध के पश्चिमी इलाके में छापेमारी की.
सूचना मिली थी कि तस्कर एक स्थान पर गांजा छिपाकर उसे दूसरे स्थान पर भेजने की तैयारी में हैं. इसके बाद संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की.
99 किलो गांजा बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस और एसएसबी ने मौके से 99 किलो गांजा बरामद किया.
बरामद गांजा को जब्त कर फुलकाहा थाना लाया गया है. अधिकारियों के अनुसार बरामद मादक पदार्थ की मात्रा काफी बड़ी है और यह संगठित तस्करी नेटवर्क की ओर संकेत करती है.
तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
संयुक्त टीम के पहुंचते ही तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भाग निकले.
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी
फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि जब्त गांजा के संबंध में फुलकाहा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस और एसएसबी लगातार संयुक्त अभियान चला रही है. हालिया कार्रवाई के बाद सीमा पर निगरानी और बढ़ा दी गई है.
Araria News: सीमावर्ती इलाकों में लगातार अभियान
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा का कुछ हिस्सा तस्करों द्वारा मादक पदार्थों के आवागमन के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है.
इसी कारण सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त, संयुक्त छापेमारी और खुफिया निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि तस्करी के नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त किया जा सके.
