बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर एडीएम ने परमान नदी के तटबंधों व सिताधार का किया निरीक्षण

Parman River Embankment Inspection: अररिया जिला अंतर्गत फारबिसगंज प्रक्षेत्र में मानसून की दस्तक से पहले प्रशासनिक कप्तानों ने बाढ़ सुरक्षा को लेकर अपनी मुस्तैदी पूरी तरह बढ़ा दी है. एडीएम ने परमान नदी के तटबंधों और ऐतिहासिक सिताधार का सघन दौरा कर कनिष्ठ अभियंताओं को तय समय के भीतर सभी सुरक्षा कड़ियां दुरुस्त करने का कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है.

अररिया (फारबिसगंज) से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट

Parman River Embankment Inspection: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र में हर साल तबाही मचाने वाली बाढ़ की विसंगतियों से कली-मजदूरों और प्रबुद्ध नागरिकों को बचाने के लिए प्रशासनिक अमला धरातल पर उतर चुका है. बाढ़ पूर्व तैयारियों का लाइव जायजा लेने के लिए एडीएम नवनील कुमार अचानक फारबिसगंज पहुंचे. उन्होंने प्रखंड के पूर्वी इलाके की जीवनदायिनी और डरावनी मानी जाने वाली परमान नदी के विभिन्न तटबंधों सहित शहरी क्षेत्र के बीच से गुजरने वाले ऐतिहासिक सिताधार का औचक निरीक्षण किया. एडीएम ने साफ शब्दों में कनिष्ठ पदाधिकारियों को कमान सौंपते हुए निर्देश दिया कि बरसात की पहली बौछार से पहले कमजोर बांधों की मरम्मत और जलकुंभी की सफाई का काम कड़क रफ्तार से पूरा किया जाए.

कुशमाहा से पिपरा तक तटबंधों की लाइव जांच; बाढ़ आश्रय स्थलों का लिया जायजा

एडीएम नवनील कुमार ने फारबिसगंज के अति संवेदनशील पूर्वी ग्रामीण प्रक्षेत्रों का सघन दौरा किया. उन्होंने कुशमाहा और पिपरा जैसे मुख्य गांवों में पहुंचकर परमान नदी के सुरक्षा बांधों की तकनीकी कड़ियों को बारीकी से परखा. इसके साथ ही उन्होंने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कुशमाहा प्रक्षेत्र में बने बाढ़ आश्रय स्थलों की बुनियादी व्यवस्था का भी लाइव मुआयना किया.

निरीक्षण के क्रम में सिताधार के जल निकासी मार्ग में बड़े पैमाने पर जमे जलकुंभी और सिल्ट यानी गाद को देखकर एडीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने संबंधित राजस्व और तकनीकी कप्तानों को प्राथमिकता के आधार पर जलकुंभी हटाने और गाद की मुस्तैदी से सफाई कराने का कड़ा निर्देश दिया ताकि बरसात के समय पानी का बहाव अवरुद्ध न हो और रिहायशी इलाकों में जलजमाव की फजीहत न झेलनी पड़े.

अनुमंडल कार्यालय में कड़क समीक्षा बैठक; लापरवाही पर अफसरों को चेताया

जमीनी निरीक्षण के ठीक बाद एडीएम फारबिसगंज अनुमंडलीय कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर सभी लाइन डिपार्टमेंट के कनिष्ठ व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक कड़क समीक्षा बैठक की. बैठक में साफ कहा गया कि सरकारी फाइलों को संधारित करने का समय अब खत्म हो चुका है, सभी अधिकारी फील्ड में रहकर काम की लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि बरसात के समय आम जनता को कोई परेशानी न हो.

विभिन्न विभागों के कप्तानों के साथ विस्तृत चर्चा और भावी रणनीति

इस हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक बैठक में बाढ़ से पूर्व किए जाने वाले तमाम कड़े प्रबंधों, आश्रय स्थलों पर कली-मजदूरों के लिए राशन व दवाओं की उपलब्धता, परमान नदी के बांध की वास्तविक मजबूती और सिताधार के जीर्णोद्धार पर विस्तार से रणनीति तैयार की गई. प्रभावित मुख्य प्रक्षेत्र फारबिसगंज अनुमंडल के परमान नदी तटबंध और सिताधार जलमार्ग पर अवैध कब्जे और गाद को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी अधिकारियों को लाइव इनपुट दिए.

इस महत्वपूर्ण मौके पर एसडीओ अभय कुमार, सीओ पंकज कुमार, बीडीओ संजय कुमार, बीपीआरओ शशि रंजन कुमार, नगर परिषद फारबिसगंज के कार्यपालक पदाधिकारी रणधीर लाल और जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता सहित कई अन्य कनिष्ठ व वरिष्ठ पदाधिकारी मुस्तैद रहे. एडीएम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी स्तर पर सुस्ती पाए जाने पर दोषी कप्तानों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई संधारित की जाएगी.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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