अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की ढुलमुल कार्यशैली और अधिकारियों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है. प्रखंड की अड़राहा और सैफगंज पंचायत में बनाए जा रहे 'पंचायत सरकार भवन' का निर्माण कार्य अपनी निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के महीनों बाद भी अधर में लटका हुआ है. सरकारी आदेशों और बोर्ड पर अंकित तिथियों की धज्जियां उड़ाते इस रवैये से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
फरवरी में ही पूरा होना था काम, अगस्त तक भी अधूरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक ही पूरा कर लिया जाना था:
- समय-सीमा की अनदेखी: समय-सीमा खत्म हुए करीब 6 महीने से अधिक का वक्त गुजर चुका है (अगस्त 2026), लेकिन निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है.
- इंजीनियरों की गैरमौजूदगी: ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर विभागीय अभियंता (JE/AE) कभी मौजूद नहीं रहते, जिससे संवेदक (ठेकेदार) मनमाने ढंग से काम चला रहा है.
सैफगंज में आधा बन गया भवन, लेकिन योजना का बोर्ड गायब
नियम के मुताबिक, किसी भी सरकारी योजना का काम शुरू होते ही निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड (Information Board) लगाना अनिवार्य है, ताकि प्राक्कलित राशि, कार्य एजेंसी और समय-सीमा की जानकारी पारदर्शी रहे:
- बोर्ड गायब: सैफगंज पंचायत में बन रहे पंचायत सरकार भवन का आधे से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन मौके पर कोई योजना बोर्ड नहीं लगाया गया है.
- मुंशी की सफाई: योजना बोर्ड न होने के बाबत जब कार्यस्थल पर मौजूद मुंशी से पूछा गया, तो उसने बताया कि बोर्ड की लिखावट/विवरण में कुछ त्रुटि रह गई थी. त्रुटि को दुरुस्त कर जल्द ही बोर्ड लगा दिया जाएगा.
पारदर्शी व्यवस्था और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
आधा निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद बोर्ड का न लगाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
- जब काम शुरू होते ही बोर्ड लगाने का प्रावधान है, तो आधा भवन बनने तक इसे क्यों छुपाया गया?
- निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर जवाबदेह संवेदक पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर निर्माण न होना सीधे तौर पर सरकारी निर्देशों का उल्लंघन है. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारी इस लापरवाही पर संवेदक और लापरवाह अभियंताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं.
