अररिया जिले में रबी व खरीफ फसलों के सीजन के बीच किसानों को एनपीके (NPK) उर्वरक की खरीद में आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है. बाजार में एनपीके खाद की कीमतों में संशोधन के बाद दरों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इसका फायदा उठाकर खाद विक्रेता और डीलर पुराने स्टॉक के पड़े बोरों को भी नई और बढ़ी हुई दरों पर बेच रहे हैं. किसानों ने इस कालाबाजारी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) से शिकायत दर्ज कराई है.
पुराने और नए रेट में बड़ा अंतर, किसानों पर अतिरिक्त बोझ
किसानों का आरोप है कि दुकानों में जो एनपीके के बोरे उपलब्ध हैं, उन पर MRP अब भी पुरानी ही दर्ज है. इसके बावजूद दुकानदार नए संशोधित मूल्य के हिसाब से प्रति बोरा 300 से 400 रुपये तक अधिक वसूल रहे हैं.
पुरानी vs नई दरें (प्रति 50 किग्रा बैग):
| एनपीके (NPK) ग्रेड | पुरानी अंकित कीमत (MRP) | नई बेची जा रही दर |
| NPK 12:32:16 | ₹1,700 - ₹1,800 | ₹2,450 |
| NPK 19:19:19 | ₹1,600 | ₹2,400 |
| NPK 16:16:16 | ₹1,750 | ₹2,050 |
| NPK 15:15:15 | ₹1,700 | ₹2,000 |
| NPK 10:26:26 | ₹1,800 | - |
फसलों के लिए क्यों आवश्यक है NPK खाद?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, NPK खाद में नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P) और पोटाश (K) का संतुलित मिश्रण होता है, जो पौधों के समुचित विकास के लिए अनिवार्य है:
- नाइट्रोजन: पत्तियों को हरा-भरा बनाता है और पौधों की तेजी से वृद्धि सुनिश्चित करता है.
- फास्फोरस: जड़ों को मजबूती देता है तथा फूल, फल और बीज बनने में मदद करता है.
- पोटाश: फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाता है, तने को मजबूत करता है और उत्पाद के स्वाद व आकार में सुधार लाता है.
कृषि सलाह: किसानों को हमेशा अपनी मिट्टी की जांच (Soil Test) कराने के बाद ही अनुशंसित मात्रा में NPK खाद का छिड़काव करना चाहिए. अत्यधिक रासायनिक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो सकती है.
पुराने स्टॉक की होगी जांच, अधिक दाम लेने वालों पर होगी कार्रवाई: DAO
मामले को गंभीरता से लेते हुए अररिया के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) पंकज कुमार ने बताया कि अगर विक्रेताओं के पास पुराना स्टॉक उपलब्ध है, तो उन्हें बोरे पर दर्ज पुरानी MRP पर ही खाद बेचनी होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में किसानों से अंकित मूल्य से अधिक दाम वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जिला कृषि विभाग जल्द ही सभी डीलरों और रिटेलरों के पास उपलब्ध एनपीके स्टॉक की जांच करवाएगा. यदि कोई भी दुकानदार अधिक कीमत वसूलता पाया गया, तो उसके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
