नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का प्रत्यक्ष प्रभाव बिहार के सीमावर्ती अररिया जिले में दिखने लगा है. जिले में बीते कुछ दिनों से जारी अनवरत बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. परमान, बकरा और कनकई जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. यद्यपि नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, परंतु नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) से आ रहे पानी के भारी दबाव ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
बारिश जारी रहने पर गहरा सकता है बाढ़ का संकट
बिहार जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, परमान और बकरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है:
- मौसम विभाग की चेतावनी: IMD ने उत्तर बिहार और नेपाल के तराई इलाकों में अगले दो-तीन दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है.
- नदियों पर दबाव: यदि नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का यही दौर जारी रहा, तो सीमांचल की नदियों में अचानक उफान आने और बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा मंडरा रहा है.
निचले इलाकों में घुसा पानी, फसलें और मार्ग प्रभावित
जिले के सिकटी, पलासी, कुर्साकांटा, जोकीहाट, नरपतगंज और फारबिसगंज प्रखंडों के निचले इलाकों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है:
- सड़कों पर जलभराव: कई ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ जाने से आवागमन बाधित हो रहा है. अररिया नगर परिषद के विभिन्न मोहल्लों में नाला निकासी धीमी होने से सड़कें जलमग्न हैं.
- किसानों की चिंता: किसानों के अनुसार, वर्तमान बारिश धान की रोपाई के लिए फायदेमंद है, लेकिन यदि खेतों में लंबे समय तक जलजमाव रहा तो फसल डूबकर सड़ सकती है.
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, राहत शिविरों की तैयारी पूरी
संभावित बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क (Alert Mode) हो गया है:
- तटबंध सुरक्षा: जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को संवेदनशील तटबंधों (Embankments) की दिन-रात गश्ती और निगरानी करने का कड़ा निर्देश दिया गया है.
- आपदा प्रबंधन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए पर्याप्त संख्या में नाव, तिरपाल, खाद्यान्न पैकेट, शुद्ध पेयजल, सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) और राहत शिविरों (Relief Camps) की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है.
अफवाहों पर न दें ध्यान, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्थिति का जायजा लेते हुए जिलेवासियों को आश्वस्त किया है:
डीएम विनोद दूहन का संदेश: "जिला प्रशासन 24 घंटे बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. नदी तट और निचले इलाकों में रहने वाले लोग पूरी तरह सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अंचल अधिकारी या जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें. अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें, प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है."
