अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट
Road Construction Protest: अररिया जिला अंतर्गत नरपतगंज प्रखंड प्रक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली को लेकर जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है. प्रखंड की भंगही पंचायत अंतर्गत मिल्की डुमरिया वार्ड संख्या-08 में सोमवार को वर्षों से लंबित सड़क निर्माण और जलजमाव की गंभीर विसंगतियों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन संधारित किया. सत्संग भवन के समीप स्थित करीब 200 मीटर के इस पूरी तरह जमींदोज हो चुके मार्ग पर जमा गंदे पानी के बीच खड़े होकर आक्रोशित लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय कप्तानों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी इस मुख्य संपर्क मार्ग की सुध नहीं ली जा रही है.
बरसात हो या गर्मी, हमेशा तालाब बनी रहती है सड़क; राहगीर हो रहे हादसों के शिकार
मिल्की डुमरिया की इस बदहाल सड़क से उत्पन्न होने वाली दैनिक दिक्कतों और आंदोलन की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- सड़क और गड्ढे का अंतर खत्म: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, महज 200 मीटर का यह टुकड़ा पिछले कई वर्षों से पूरी तरह बदहाल है. सड़क पर बने बड़े-बड़े और गहरे गड्ढों में सालों भर (चाहे बरसात हो या कड़कड़ाती गर्मी) नाली और कड़ियों का गंदा पानी जमा रहता है. मानसून की दस्तक के साथ ही इस मार्ग पर स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे का अंतर समझ ही नहीं आता.
- स्कूली बच्चों और मरीजों की फजीहत: इस प्रदर्शन की कमान संभाल रहे स्थानीय शिक्षक मिट्ठू कुमार यादव ने बताया कि यह सड़क आसपास के कई टोलों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है. इसी कीचड़ और दुर्गंध भरे रास्ते से होकर कनीय छात्र प्रतिदिन विद्यालय जाने को मजबूर हैं. कई बार बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बाइक सवार इन छिपे हुए गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं.
30 दिनों के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो होगा चरणबद्ध आंदोलन
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी हमें महज 200 मीटर की पक्की सड़क के लिए सड़क पर उतरकर कमान संभालनी पड़ रही है. यदि संबंधित विभाग और कनिष्ठ-वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अगले 30 दिनों के भीतर इस सड़क का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं कराया गया, तो पूरा मिल्की डुमरिया प्रक्षेत्र चक्का जाम कर चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन और क्रमिक अनशन संधारित करने को बाध्य होगा.”
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से बढ़ा रोष; प्रदर्शन में ये रहे मुस्तैद
ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले राजनीतिक कप्तान अब इस नरकीय स्थिति पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं. इस सामूहिक विरोध-प्रदर्शन को सफल बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मुख्य रूप से शिक्षक मिट्ठू कुमार यादव के साथ रौशन कुमार, हीरा देवी, पंकज यादव, प्रेमचंद यादव, मनीष यादव, बब्लू यादव, पंकू यादव, सचिन कुमार शर्मा, राहुल कुमार दास, संतोष यादव, मुकेश यादव सहित दर्जनों कनिष्ठ व वरिष्ठ ग्रामीण मुस्तैदी के साथ सड़क पर डटे रहे. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर अविलंब विभागीय तकनीकी टीम भेजने की मांग की है.
