नरपतगंज (अररिया) से रिपोर्ट.
Narpatganj Protest: अररिया जिले के नरपतगंज नगर पंचायत क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. वार्ड संख्या 13 में चल रहे निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य को रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नाले की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. विरोध के कारण कुछ समय के लिए निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया.
बिना सूचना बोर्ड के चल रहा था निर्माण कार्य
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है. ऐसे में लोगों को यह जानकारी नहीं है कि योजना की लागत क्या है, निर्माण एजेंसी कौन है और कार्य कब तक पूरा किया जाना है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में निर्माण कार्य को लेकर संदेह और बढ़ गया है.
ग्रामीणों के अनुसार नाला निर्माण में लोकल बालू, घटिया किस्म की गिट्टी और सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य हुआ तो नाला अधिक दिनों तक टिकाऊ नहीं रहेगा और सरकारी राशि का दुरुपयोग होगा.
Narpatganj Protest: ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
स्थानीय ग्रामीण अब्दुल माजिद, ध्यानी पासवान, मोहम्मद सज्जाद, संजय दास, शिवन राजभर, शोभनंद रॉय, कादिर, बसंत साह समेत दर्जनों लोगों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर विरोध जताया. ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना है, लेकिन यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होगा तो उसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा.
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मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने भी उठाया मुद्दा
मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य पार्षद प्रतिनिधि इंद्रानंद पासवान ने कहा कि निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद काम को तत्काल रोक दिया गया है. उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फोन कर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
संवेदक ने सुधार का दिया आश्वासन
विवाद बढ़ने के बाद संवेदक की ओर से निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार कराने की बात कही गई है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विभागीय जांच नहीं हो जाती और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे.
इस मामले में विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. अब ग्रामीणों की नजर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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