मेहनत, दृढ़ संकल्प और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसी भी युवा की तकदीर बदल सकता है. अररिया जिले के फारबिसगंज निवासी अविनाश कुमार ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. उन्होंने बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' का लाभ उठाकर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के किनारे "शिवम स्वीट्स कॉर्नर" नाम से होटल सह ढाबा शुरू किया है, जो आज स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है.
हाईवे की जरूरत को बनाया सफलता का अवसर
राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले मुसाफिरों को अक्सर स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन के लिए परेशान होना पड़ता था. इस जरूरत और अवसर को भांपते हुए अविनाश ने हाईवे किनारे होटल खोलने का निर्णय लिया.
वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें ₹7 लाख की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई. इसमें से ₹3.50 लाख अनुदान (Subsidy) के रूप में मिले.
तीन किस्तों में चरणबद्ध तरीके से खड़ा किया ढाबा
योजना के तहत मिली राशि का उपयोग अविनाश ने बेहद समझदारी और चरणबद्ध तरीके से किया:
- पहली किस्त: होटल के शेड का निर्माण कराया गया.
- दूसरी किस्त: आवश्यक मशीनरी, बर्तन और आधुनिक उपकरण खरीदे गए.
- तीसरी किस्त: कच्चे माल (Raw Material) का इंतजाम कर ढाबे का औपचारिक संचालन शुरू किया गया.
शुरुआती चुनौतियों को पछाड़ गुणवत्ता से जीता भरोसा
शुरुआत में अविनाश को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई दिनों तक ग्राहकों की संख्या काफी कम रहती थी और लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था.
लेकिन अविनाश ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने भोजन की शुद्धता, साफ-सफाई, उचित दाम और बेहतर सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाया. धीरे-धीरे लोगों का विश्वास बढ़ता गया और ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी.
5 लोगों को मिला प्रत्यक्ष रोजगार, युवाओं के बने प्रेरणा स्रोत
आज 'शिवम स्वीट्स कॉर्नर' अपने लजीज स्वाद के लिए क्षेत्र में मशहूर हो चुका है. इस होटल के माध्यम से अविनाश खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 5 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं.
अविनाश अपनी इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और जिला उद्योग केंद्र, अररिया के अधिकारियों व कर्मियों के सहयोग को देते हैं. उनका कहना है कि यदि युवा सही योजना का चुनाव कर ईमानदारी से मेहनत करें, तो वे खुद का व्यापार खड़ा करने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं.
