अररिया जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनापुर पंचायत के मधुबनी गांव (वार्ड संख्या 17) में बुधवार की शाम आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है.
खेत में धान की रोपाई कर रहीं मां और उनकी 17 वर्षीय पुत्री वज्रपात की सीधी चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गईं. आनन-फानन में दोनों को सीमा पार नेपाल के विराटनगर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया है.
धान की रोपाई के दौरान अचानक बिगड़ा मौसम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मधुबनी गांव निवासी दुखा महतो की 38 वर्षीय पत्नी अनिता देवी और उनकी 17 वर्षीया पुत्री खुशबू कुमारी घर के निकट स्थित खेत में गांव की अन्य महिलाओं के साथ धान की रोपाई में जुटी हुई थीं.
बुधवार देर शाम अचानक आसमान में घने काले बादल घिर आए और तेज बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई. मजदूर और महिलाएं जब तक सिर छिपाने के लिए किसी सुरक्षित स्थान की ओर भागतीं, तब तक खेत में कानफोड़ू आवाज के साथ आकाशीय बिजली आ गिरी.
खेत में ही अचेत होकर गिरीं मां-बेटी
वज्रपात की सीधी जद में आने के कारण अनिता देवी और उनकी बेटी खुशबू खेत के कीचड़ में ही बुरी तरह झुलसकर बेसुध हो गईं. उनके पास काम कर रहीं अन्य महिलाओं को भी बिजली के झटके और हल्की चोटें आईं.
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और घरों से ग्रामीण दौड़कर पहुंचे. ग्रामीणों व परिजनों ने दोनों को तुरंत खेत से बाहर निकाला और स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल सीमावर्ती नेपाल के कोशी अंचल अस्पताल, विराटनगर पहुंचाया.
हालत नाजुक, पूर्णिया में चल रहा सघन इलाज
नेपाल के विराटनगर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बावजूद मां-बेटी की गंभीर स्थिति और शरीर के गहरे झुलसने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी.
गुरुवार को परिजन दोनों को लेकर पूर्णिया पहुंचे, जहां एक निजी/सदर अस्पताल में उनका सघन उपचार जारी है. चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है. अचानक हुई इस दुखद घटना के बाद से पूरे मधुबनी गांव में मातम और दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग की है.
