अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
LPG Gas Cylinder Stock: आम उपभोक्ताओं को समय पर रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और डीलरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए अररिया जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है. जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और पारदर्शी वितरण प्रणाली को बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) का सफ़ल संचालन किया जा रहा है. जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी देखरेख में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और वितरण में की जाने वाली अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा गया है. इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा गठित विशेष उड़नदस्ता टीमों ने जिले की दर्जनों गैस एजेंसियों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर स्टॉक पंजी को खंगाला है.
27 छापेमारी दलों का गठन; 52 गैस एजेंसियों पर 916 बार दी गई दबिश
- सख्त निगरानी तंत्र: गैस सिंडिकेट और अवैध रीफिलिंग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कुल 27 विशेष छापेमारी दलों (Raid Teams) का गठन किया है.
- रिकॉर्ड तोड़ छापेमारी: इन गठित दलों ने अब तक सक्रियता दिखाते हुए जिले की सभी 52 आधिकारिक गैस एजेंसियों के गोदामों और आउटलेट्स पर कुल 916 बार औचक निरीक्षण व छापेमारी की है, जिससे गड़बड़ी करने वाले वितरकों में हड़कंप है.
- सिलेंडरों का मौजूदा स्टॉक: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले के गोदामों में घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम क्षमता के 12,126 सिलेंडर और छोटे 5 किलोग्राम क्षमता के 621 सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए और वितरण के लिए उपलब्ध हैं.
पैनिक बुकिंग करने वालों पर होगी कार्रवाई; कंट्रोल रूम में 535 शिकायतों का हुआ निपटारा
जिला प्रशासन की चेतावनी: कलेक्टर और जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि जिले में एलपीजी गैस का बैकअप और दैनिक आवक पर्याप्त मात्रा में है. अफवाहों के चक्कर में आकर घरों में अनावश्यक रूप से सिलेंडरों का भंडारण (होर्डिंग) न करें. यदि कोई भी उपभोक्ता या दुकानदार तय सीमा से अधिक अवैध एलपीजी स्टॉक रखते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उपभोक्ता शिकायतों पर त्वरित एक्शन और वर्तमान स्थिति:
प्रशासन द्वारा स्थापित जिला नियंत्रण कक्ष उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनने में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर अब तक गैस डिलीवरी में देरी, ओवररेटिंग (तय दाम से अधिक पैसे वसूलना) और रसीद न देने जैसी कुल 555 लिखित व मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. विभागीय मुस्तैदी के कारण कुल प्राप्त शिकायतों में से 535 मामलों का ऑन-स्पॉट समाधान करते हुए उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचा दिया गया है. नियंत्रण कक्ष के नोडल पदाधिकारी ने बताया कि शेष बची 20 (मूल पाठ में सुधार: 555 में से 535 घटने पर 20 शेष रहते हैं, जिसे आवेदन में आंशिक त्रुटिवश 15 लिखा गया है) शिकायतों के अविलंब निष्पादन को लेकर संबंधित गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया गया है. लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है.
