अररिया के कुर्साकांटा प्रखंड में मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. सर्दी, खांसी, जुकाम, शरीर दर्द, सिर दर्द और तेज बुखार जैसी शिकायतों के साथ लोग स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं. स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ बढ़ने से मौसम परिवर्तन के साथ बढ़ रही मौसमी बीमारियों को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ी है.
मौसम बदलते ही बढ़े वायरल फीवर के मरीज
कुर्साकांटा क्षेत्र में मौसम में बदलाव शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग वायरल फीवर की चपेट में आने की शिकायत कर रहे हैं. स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है. मरीजों में सामान्य तौर पर सर्दी, खांसी, जुकाम, शरीर दर्द और सिर दर्द के साथ बुखार के लक्षण सामने आ रहे हैं.
मौसम परिवर्तन से बढ़ती हैं मौसमी बीमारियां
वायरल फीवर को लेकर एमबीबीएस, एमडी एवं समाजसेवी डॉ. प्रेम प्रकाश ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान लोगों में मौसमी संक्रमण और वायरल बीमारियों के लक्षण देखने को मिल सकते हैं. इनमें सर्दी, खांसी, जुकाम, शरीर दर्द और सिर दर्द के साथ तेज बुखार भी हो सकता है. उन्होंने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी.
तला-भुना और फास्ट फूड से बचने की सलाह
डॉ. प्रेम प्रकाश ने मौसम बदलने के दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि लोगों को बाजार के तले-भुने सामान और फास्ट फूड से बचना चाहिए. भोजन में हरी और ताजी सब्जियों को शामिल करने के साथ पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल का सेवन करना चाहिए. उन्होंने फ्रिज में लंबे समय से रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से भी बचने की सलाह दी.
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज भी रहें सतर्क
डॉ. प्रेम प्रकाश ने डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को अपनी नियमित जांच जारी रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाएं एवं नियमित जांच जारी रखनी चाहिए.
बीमार होने पर स्वास्थ्य केंद्र में कराएं जांच
चिकित्सक ने लोगों से अपील की कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें. समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय सलाह से बीमारी की स्थिति को समझने और उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है.
