अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड मुख्यालय से लपटोली के रास्ते हत्ता चौक जाने वाली मुख्य सड़क प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का जीवंत प्रमाण बन चुकी है. विडंबना यह है कि प्रखंड कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर यह सड़क इस कदर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है कि यहां से गुजरने वाले सरकारी कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और अपने कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंचने वाले आम नागरिकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है. वर्षों से उपेक्षित इस मार्ग पर आए दिन वाहन चालक और राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. सड़क की बदहाली से तंग आ चुके स्थानीय ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश जताते हुए जिला पदाधिकारी (DM) अररिया से अविलंब सड़क मरम्मत की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
अधिकारियों के नियमित आवागमन के बावजूद सुध नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग केवल ग्रामीणों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है:
- अफसरों की अनदेखी: जिला मुख्यालय और अनुमंडल से लेकर प्रखंड स्तर तक के वरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की गाड़ियों का काफिला इसी मार्ग से होकर गुजरता है. इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने सड़क की दुर्दशा सुधारने की सुध नहीं ली है.
- कब्रिस्तान के पास खतरनाक गड्ढे: हत्ता चौक जाने वाले रास्ते पर कब्रिस्तान के समीप सड़क इस कदर टूटकर जर्जर हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए थोड़ी सी भी चूक सीधे बड़े हादसे का सबब बन जाती है. रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है.
सड़क की बदहाली और प्रमुख तथ्य
| बिंदु (Key Parameters) | विवरण / वर्तमान स्थिति (Current Status) |
| मार्ग का नाम | कुर्साकांटा प्रखंड कार्यालय – लपटोली – हत्ता चौक मुख्य मार्ग |
| स्थान / प्रखंड | कुर्साकांटा, जिला अररिया |
| समस्या | सड़क का बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील होना, जलजमाव व जानलेवा कटान |
| सर्वाधिक खतरनाक बिंदु | प्रखंड मुख्यालय के ठीक आगे एवं कब्रिस्तान के समीप |
| प्रभावित वर्ग | प्रखंड कार्यालय आने वाले नागरिक, स्कूली बच्चे, दैनिक राहगीर व वाहन चालक |
| ग्रामीणों की चेतावनी | अविलंब मरम्मत न होने पर चरणबद्ध सड़क आंदोलन |
ग्रामीणों का फूटा आक्रोश: 'किससे कहें और कौन सुनेगा?'
सड़क की लगातार अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी व्यथा साझा की:
- उप मुखिया व ग्रामीणों का आक्रोश: उप मुखिया मो. इबरान, नबी हसन, मिथिलेश झा, मो. शाहिद, मो. कलीम, सुरेंद्र वर्मा, तपन वर्मा, दिलीप वर्मा, कुंदन झा, किशन साह, कन्हैया झा और मो. शाजिद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से उपेक्षित इस सड़क की मरम्मत के लिए वे कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है.
- डीएम से सीधी मांग: ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग अथवा संबंधित निर्माण एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सड़क के पुनर्निर्माण और गड्ढों को भरने का निर्देश देने की मांग की है.
