अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं. उफनाती नदियों का पानी देखते ही देखते प्रखंड की कई पंचायतों के निचले इलाकों में फैल गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. बाढ़ का पानी घरों, आंगनों और खेतों में घुसने से ग्रामीणों और किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
इन पंचायतों में बढ़ा बाढ़ का प्रभाव
नेपाल से आए पहाड़ी पानी के कारण प्रखंड क्षेत्र की प्रमुख पंचायतों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है:
- प्रभावित पंचायतें: जागीर परासी, सौरगांव, रहटमीना, लक्ष्मीपुर, सिकटिया समेत आसपास की कई पंचायतें जलमग्न हो चुकी हैं.
- जनजीवन प्रभावित: जागीर परासी के पंसस प्रतिनिधि कृपानंद मंडल ने बताया कि गांव में पानी घुसने से ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या ठप हो गई है.
घर-आंगन में घुसा पानी, बच्चों व बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
बाढ़ का पानी अचानक रिहाइशी इलाकों और घरों के आंगन तक पहुंच गया है:
- स्वास्थ्य और सुरक्षा का खतरा: बरसात के इस मौसम में विषैले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच छोटे बच्चों और वृद्धजनों को संभालने में परिजनों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
- राहत और सुरक्षा की गुहार: ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने और जल्द से जल्द राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है.
बकरा, भलुआ और लोहंदरा नदी का बढ़ा जलस्तर; फसलें डूबीं
प्रखंड से होकर बहने वाली बकरा, भलुआ और लोहंदरा सहित अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है:
किसानों पर संकट: खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से धान की लगी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं. किसानों को डर है कि यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा, तो धान के पौधे गलकर नष्ट हो जाएंगे, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा.
