जोगबनी में 1 साल से अधर में अटका वॉशिंग पिट लाइन का काम: नई ट्रेनों का बढ़ा इंतजार; 13 सितंबर को चलेगा बड़ा एक्स (ट्विटर) अभियान

जोगबनी में वॉशिंग पिट लाइन का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधूरा पड़ा है, जिससे सीमांचल क्षेत्र में नई ट्रेनों के परिचालन में बाधा आ रही है. इस समस्या को उठाने के लिए 13 सितंबर को ट्विटर/एक्स पर एक घंटे का अभियान चलाया जाएगा.

फारबिसगंज (अररिया). सीमांचल क्षेत्र में नई ट्रेनों के परिचालन की राह में ट्रेनों के प्रारंभिक अनुरक्षण की सुविधा बड़ी बाधा बनी हुई है. इस समस्या के समाधान के लिए जोगबनी में दो वॉशिंग पिट लाइन के निर्माण की योजना रेल प्रशासन ने तैयार की थी. इनमें से एक पिट लाइन का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से काम अधूरा पड़ा है. निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग को लेकर अब रेल संगठनों और रेल यात्रियों की ओर से सोशल मीडिया अभियान चलाने की तैयारी की गयी है.

13 सितंबर को एक घंटे चलेगा ट्विटर ट्रेंड अभियान

जोगबनी में अधूरी पड़ी वॉशिंग पिट लाइन के निर्माण में तेजी लाने के लिए 13 सितंबर को ट्विटर/एक्स पर अभियान चलाया जाएगा. अभियान दोपहर 12 बजे से एक बजे तक चलेगा. बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव चंदन भगत, उपाध्यक्ष अभिनव कुमार, कोषाध्यक्ष प्रेम प्रकाश, वरिष्ठ सदस्य मयंक गुप्ता, विशेष ठाकुर और सतीश भगत अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

आयोजकों ने रेल से जुड़े जनप्रतिनिधियों, रेल उपभोक्ताओं और जागरूक नागरिकों के साथ विभिन्न रेल संगठनों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है.

एक साल से अधूरा पड़ा है पिट लाइन का निर्माण

रेल संगठनों के अनुसार जोगबनी में पिट लाइन की सुविधा सीमांचल में नई ट्रेनों के परिचालन के लिए महत्वपूर्ण है. ट्रेनों के प्रारंभिक अनुरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण नई ट्रेनों के परिचालन में परेशानी आती है. इसी को देखते हुए जोगबनी में दो पिट लाइन बनाने की योजना तैयार की गयी थी. एक पिट लाइन का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ काम पूरा हुआ, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है. इसको लेकर विभिन्न रेल संगठनों की ओर से रेल प्रशासन को कई बार पत्राचार भी किया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी है.

कई रेल संगठनों और संस्थाओं का मिला समर्थन

सोशल मीडिया अभियान को बिहार सडेली पास डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन, इंडो नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स, रेल कम्यूटर्स फोरम, स्टेशन सलाहकार समिति, रेल संघर्ष समिति, फारबिसगंज सिविल सोसाइटी, फारबिसगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स और नागरिक संघर्ष समिति समेत विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है. इन संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि जोगबनी की पिट लाइन का निर्माण पूरा होने से सीमांचल क्षेत्र में नई ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं मजबूत होंगी. इससे अररिया, फारबिसगंज, जोगबनी और आसपास के रेल यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.

लंबित परियोजना को जल्द पूरा कराने की मांग

डीआरयूसीसी सदस्य बछराज राखेचा और विनोद सरावगी, समाजसेवी अजातशत्रु अग्रवाल, राकेश रोशन सहित अन्य लोगों ने भी रेल यात्रियों और आम लोगों से सोशल मीडिया अभियान में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग ट्विटर/एक्स के माध्यम से जोगबनी में चल रहे वॉशिंग पिट लाइन निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग उठाएं. उनका कहना है कि सामूहिक आवाज के माध्यम से रेल प्रशासन तक इस चिरलंबित मांग को मजबूती से पहुंचाया जा सकता है.

नई ट्रेनों के परिचालन की उम्मीद से जुड़ी है पिट लाइन

रेल संगठनों का कहना है कि सीमांचल क्षेत्र में नई ट्रेनों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है. ऐसे में जोगबनी में प्रारंभिक अनुरक्षण की सुविधा विकसित होना महत्वपूर्ण है. पिट लाइन का निर्माण पूरा होने पर ट्रेनों के अनुरक्षण से जुड़ी सुविधाओं में विस्तार होगा और क्षेत्र में नई ट्रेन सेवाओं के परिचालन की संभावनाओं को बल मिल सकता है. अब रेल यात्रियों और विभिन्न संगठनों की नजर 13 सितंबर को होने वाले सोशल मीडिया अभियान पर है. संगठनों को उम्मीद है कि अभियान के माध्यम से रेलवे तक मांग प्रभावी तरीके से पहुंचेगी और अधूरी पड़ी परियोजना को जल्द पूरा कराने की दिशा में ठोस पहल होगी.

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लेखक के बारे में

By कलीमउद्दीन

कलीमउद्दीन प्रिंट माध्यम में 24 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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