अररिया जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. एसपी ने कार्य में शिथिलता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चार थानों के प्रभारियों पर गाज गिराई है. इसमें सबसे बड़ी कार्रवाई भारत-नेपाल सीमावर्ती जोगबनी थाने में हुई है, जहां तस्करों से सांठगांठ के गंभीर आरोप में निवर्तमान थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है.
तस्करों से गठजोड़ में नपे निवर्तमान थानाध्यक्ष
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जोगबनी के निवर्तमान थानाध्यक्ष महादेव कामत के खिलाफ तस्करों से सांठगांठ और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने की शिकायतें मिल रही थीं. एसपी की गुप्त निगरानी में आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस बड़ी कार्रवाई से जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
CI धन कुमार को 6 महीने के लिए जोगबनी की कमान
जोगबनी थाने जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी ने फारबिसगंज के सर्किल इंस्पेक्टर (CI) धन कुमार को अस्थायी रूप से अगले 06 महीने के लिए जोगबनी थाना प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. शनिवार संध्या एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि धन कुमार फारबिसगंज सर्किल इंस्पेक्टर के अपने मूल पद के साथ-साथ जोगबनी थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे. यदि इस दौरान उनका कार्यकाल कुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी रहता है, तो उन्हें स्थायी रूप से जिम्मेदारी देने पर विचार किया जाएगा.
तस्करी और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति
एसपी ने नवपदस्थापित थाना प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि भारत-नेपाल सीमा से होने वाली तस्करी, नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कार्रवाई करें. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. जिले में हुए इस व्यापक फेरबदल से आम जनता में बेहतर कानून व्यवस्था की उम्मीद जगी है.
