अररिया जिले के भारत-नेपाल सीमावर्ती जोगबनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजनाथपुर वार्ड संख्या 02 से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से 14 वर्षीय किशोर सत्यम गिरी की दर्दनाक मौत हो गई.
सत्यम बीते गुरुवार से ही घर से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे. शुक्रवार सुबह पानी में उसका शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं इस अकाल मौत से पूरे गांव में मातम और शोक की लहर दौड़ गई है.
जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
गुरुवार से लापता था किशोर, 24 घंटे बाद मिला सुराग
परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बैजनाथपुर निवासी सत्यम गिरी (14 वर्ष) गुरुवार की दोपहर अचानक गायब हो गया था:
- खोजबीन में जुटे थे परिजन: काफी देर तक जब सत्यम घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में सगे-संबंधियों और आसपास के संभावित ठिकानों पर दिन-रात खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका.
- सुबह गड्ढे में तैरता मिला शव: शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण नित्यक्रम और टहलने के लिए खेत-खलिहान की ओर निकले, तो उन्होंने बस्ती के पास एक बड़े जलजमाव वाले गड्ढे में एक अज्ञात शव को तैरते हुए देखा.
- पहचान होते ही मचा कोहराम: पानी में पूरी तरह फूल चुके शव के करीब जब ग्रामीण पहुंचे, तो उसकी शिनाख्त लापता सत्यम गिरी के रूप में हुई. सत्यम की मौत की खबर मिलते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई और परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया.
पुलिस ने कब्जे में लिया शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही जोगबनी थाना की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची:
- पुलिस पदाधिकारियों ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीणों की मदद से शव को गहरे पानी से बाहर निकलवाया.
- आवश्यक पंचनामा और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल, अररिया भेज दिया गया.
- जोगबनी पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक दृष्टि में मामला गहरे पानी में डूबने से दम घुटने का लग रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.
बिना घेराबंदी के खुले गड्ढे बने मौत का फंदा, ग्रामीणों में रोष
स्थानीय नागरिकों ने इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में असुरक्षित तरीके से छोड़े गए गड्ढों पर गहरा रोष व्यक्त किया है:
- ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में जलजमाव के कारण ये गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं.
- इन गहरे जलभराव वाले स्थलों पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) बनाया गया है, जिससे खेलते समय बच्चों के फिसलकर गहरे पानी में चले जाने का जोखिम हमेशा बना रहता है.
- ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से खुले गड्ढों की तुरंत भराई करवाने अथवा मजबूत बैरिकेडिंग कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान न जाए.
