जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
Bakrid Celebration: अररिया जिले के सीमावर्ती व्यापारिक शहर जोगबनी सहित आसपास के तमाम ग्रामीण अंचलों में त्याग, बलिदान और खुदा के प्रति पूर्ण समर्पण का महान पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को पारंपरिक उल्लास, कौमी एकता और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. त्योहार को लेकर सुबह से ही मस्जिदों, खानकाहों और ग्रामीण व शहरी ईदगाहों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सफेद पाकीजा लिबास और सिर पर नक्काशीदार टोपियां पहने हजारों नमाजियों ने कतारबद्ध होकर अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाया और ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की.
चाणक्य चौक ईदगाह सहित विभिन्न स्थलों पर मौलानाओं ने पढ़ाई नमाज
जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों के विभिन्न मुख्य नमाज स्थलों पर तय समय के अनुसार योग्य इमामों और मुफ्ती साहबान के नेतृत्व में नमाज मुकम्मल कराई गई:
- चाणक्य चौक मुख्य ईदगाह: यहाँ प्रसिद्ध धार्मिक गुरु मौलाना व मुफ्ती अमजद बालिग रहमानी ने नमाज अदा कराई और खुतबा पढ़ा.
- शाहपुर जोगबनी: यहाँ मौलाना मुफ्ती मो. हारून के नेतृत्व में नमाज संपन्न हुई.
- अमौना ईदगाह: यहाँ अमौना के इमाम मौलाना मुफ्ती मुशा ने रिकटगंज ईदगाह मैदान में उपस्थित हजारों नमाजियों को नमाज पढ़ाई.
इसके अतिरिक्त नगर परिषद के हाजीगंज, हाजी मुहल्ला, टिकुलिया, भीम सेना, दिपौल और रिकटगंज सहित विभिन्न मोहल्लों की स्थानीय मस्जिदों में भी वहां के पेशइमामों ने नमाज मुकम्मल कराई. नमाज के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में तीन दिवसीय कुर्बानी की रस्म का सिलसिला शुरू हो गया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बकरीद के दिन से शुरू होकर यह रस्म लगातार तीन दिनों तक चलती है.
बाजारों में रही देर रात तक रौनक, दावतों का दौर शुरू
बकरीद को लेकर सीमावर्ती बाजार में त्योहार की पूर्व संध्या (बुधवार) को जबरदस्त रौनक और चहल-पहल देखी गई. कपड़ों, जूतों, इत्र और सेवइयों की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ रही, जहां लोगों ने देर रात तक जरूरी सामानों की खरीदारी की. नमाज और कुर्बानी की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शहर में उत्सव का माहौल बन गया. लोग अपने सगे-संबंधियों और मित्रों के घर जाकर गले मिले और बधाई दी. दोपहर बाद से ही लोग अपने दोस्तों के साथ लजीज दावतों का लुत्फ उठाने और मेहमाननवाजी करने में व्यस्त नजर आए.
थानाध्यक्ष महादेव कामत के नेतृत्व में चाक-चौबंद रही सुरक्षा
प्रशासनिक सतर्कता: सीमावर्ती और संवेदनशील इलाका होने के कारण जोगबनी में जिला प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े बंदोबस्त किए गए थे. किसी भी प्रकार की अफवाह या विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी.
जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत के कुशल नेतृत्व में सभी मुख्य ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई थी. इसके साथ ही, जिला मुख्यालय द्वारा सभी नमाज स्थलों पर दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई थी. नमाज के समय से लेकर देर शाम तक पुलिस की मोबाइल वैन लगातार गश्ती अभियान चलाकर हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही थी.
जनप्रतिनिधियों और पूर्व विधायकों ने गले मिलकर दी बधाई
इस पावन अवसर पर सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द की भी बेहतरीन झलक देखने को मिली. जोगबनी के चाणक्य चौक स्थित मुख्य ईदगाह परिसर में अकीदतमंदों का हौसला बढ़ाने और शुभकामनाएं देने कई गणमान्य लोग पहुंचे. इनमें मुख्य रूप से:
- पूर्व विधायक जाकिर हुसैन खान
- पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू राय
- नगर पार्षद प्रभात सिंह
- वरिष्ठ समाजसेवी खुर्शीद खान, अनवर राज, जावेद और मुश्ताक
उपस्थित रहे. इस मौके पर पूर्व नप अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू राय और वार्ड पार्षद प्रभात सिंह ने संयुक्त रूप से सभी मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की दिली मुबारकबाद पेश की और शहर में अमन, चैन व आपसी भाईचारा हमेशा कायम रखने की कामना की.
