अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट
Janta Darbar: अररिया जिले में आम जनता की पुलिसिंग से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान और न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज है. मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में एसपी जितेंद्र कुमार के द्वारा विशेष जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न सुदूर और सीमावर्ती थाना क्षेत्रों से पहुंचे लगभग एक दर्जन महिला-पुरुष फरियादियों ने अपनी-अपनी गुहार एसपी के समक्ष लिखित रूप में रखी. एसपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बारी-बारी से हर एक पीड़ित की फरियाद सुनी, दस्तावेजों का अवलोकन किया और कई मामलों में फोन पर ही संबंधित थाना अध्यक्षों (SHOs) को फटकार लगाते हुए मामले के ऑन-सपॉट निष्पादन का आदेश दिया.
थानों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति, एसपी खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग
जनता दरबार के घटनाक्रम और पुलिस कप्तान द्वारा जारी कड़े निर्देशों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- त्वरित निष्पादन पर जोर: जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों में अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े आपसी टकराव, घरेलू हिंसा, चोरी की एफआईआर में देरी और स्थानीय स्तर पर पुलिसिया सुस्ती के थे. एसपी ने इन आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानों को जांच सौंपकर समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट कार्यालय भेजने का निर्देश दिया.
- थानाध्यक्षों को अल्टीमेटम: एसपी जितेंद्र कुमार ने साफ लहजे में जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि उनके स्तर से जो भी मामले या शिकायतें थानों को भेजी जा रही हैं, उनका निष्पादन त्वरित गति (Fast Track) से होना चाहिए. लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
पीड़ित जनता की सुविधा के लिए सप्ताह में 2 से 3 दिन सजेगा दरबार
पुलिस अधीक्षक का वक्तव्य: जनसुनवाई के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया, “ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले गरीब पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए अब एसपी कार्यालय में सप्ताह में दो से तीन दिन नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है. इससे न केवल पेंडिंग मामलों की संख्या कम होगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत होगा.”
एसपी ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि स्थानीय थानों में उनकी न्यायसंगत बात नहीं सुनी जा रही है या प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है, तो वे बिना किसी डर के सीधे सीधे एसपी कार्यालय आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस मौके पर एसपी कार्यालय के रीडर, विभिन्न थानों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में जिले भर से आए पीड़ित व प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे.
