कटीली तार के ऊपर से दिनदहाड़े सामान पार, दावों के बीच जोगबनी सीमा पर खुलेआम तस्करी से हड़कंप

Nepal Border Smuggling: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और तस्करी रोकने के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं. अररिया जिले के जोगबनी बॉर्डर पर कटीली तारों की घेराबंदी को ठेंगा दिखाकर तस्कर दिन के उजाले में खुलेआम माल पार कर रहे हैं, जिससे एसएसबी और नेपाल एपीएफ की कार्यशैली पर गंभीर विैश्सनीयता के सवाल खड़े हो गए हैं.

जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट

Nepal Border Smuggling: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले का जोगबनी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर इन दिनों सुरक्षा विसंगतियों को लेकर प्रबुद्ध नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) द्वारा आए दिन कड़े विधिक दावे किए जाते हैं. लेकिन इन तमाम दावों के विपरीत, जोगबनी मुख्य द्वार (बीएसपी गेट) के ठीक बगल से दिनदहाड़े बेखौफ तस्करी संधारित हो रही है. तस्करों द्वारा सीमा पर लगाई गई कटीली तारों के ऊपर से सामान फेंककर पार किया जा रहा है और दोनों देशों के सुरक्षा कनिष्ठ मूकदर्शक बने हुए हैं, जिससे सीमा सुरक्षा की लाइव कमान पर यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है.

कटीली तार की घेराबंदी भी साबित हुई बेअसर; जवानों के नाक के नीचे खेल

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी इस अवैध कारोबार और सुरक्षा कड़ियों की मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं. कुछ समय पूर्व ही नेपाल एपीएफ ने जोगबनी बॉर्डर के बीएसपी गेट के उत्तर दिशा में स्थित कुलदीप स्मारक के समीप दीवार के ऊपर कटीली तार (बाड़) मुस्तैद की थी.

प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि इस विधिक घेराबंदी के बाद प्रक्षेत्र में तस्करी पूरी तरह थम जाएगी. इसके उलट, बेखौफ तस्करों ने इस बाड़ को ही अपना मुख्य रूट बना लिया है. सबसे हैरान करने वाली विसंगति यह है कि जिस पॉइंट से दीवार फांदकर सामानों की लाइव डिलीवरी की जा रही है, वहां से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर दोनों देशों के कनिष्ठ व वरिष्ठ जवान मुस्तैद रहते हैं.

आम जनता को चेकिंग की फजीहत, महिला तस्करों के लिए खुली छूट

“बीएसपी गेट के पास रहने वाले स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और कली-मजदूरों ने सुरक्षा बलों पर भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का खुला आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर देहात से आने वाले आम नागरिकों और कली-मजदूरों के छोटे-मोटे झोले की भी सघन विधिक जांच कर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है. वहीं दूसरी ओर, बॉर्डर पर मौजूद कस्टम ऑफिस की सीढ़ियों और बीएसपी गेट के आसपास सुबह से ही दर्जनों महिला तस्करों का जमावड़ा लगा रहता है, जिन्हें बिना किसी रोक-टोक और फजीहत के सीमा पार आने-जाने की सुचारू छूट संधारित है.”

Nepal Border Smuggling: सुरक्षा कप्तानों की कार्यशैली पर उठे सवाल; कड़े एक्शन की मांग

प्रतिदिन दर्जनों महिला व पुरुष तस्करों द्वारा निर्बाध रूप से चीनी, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और अन्य प्रतिबंधित सामानों का लाइव निबंधन और हेरफेर किया जा रहा है. इस खुली धांधली से सीमावर्ती प्रक्षेत्र के व्यापारियों और प्रबुद्ध समाज में भारी नाराजगी संधारित है.

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसएसबी के वरिष्ठ कप्तानों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रभारियों से मांग की है कि जोगबनी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की इस गंभीर विसंगति का संज्ञान लेकर तत्काल प्रभाव से कनिष्ठ जवानों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ होने वाले इस खिलवाड़ को विधिक रूप से रोका जा सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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